सिर्फ इंदौर नहीं, अब पूरा MP बन रहा स्टार्टअप और AI का हब; CM मोहन यादव ने बताए सरकार के बड़े प्लान
'युवा संवाद' कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Zee MPCG से बात करते हुए बताया कि सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक विषयों के साथ-साथ राज्य के युवाओं को जापानी, जर्मन और कोरियाई भाषाएं सिखाई जा रही हैं.
मध्य प्रदेश में अब केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरा राज्य स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है. 'युवा संवाद' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Zee MPCG से बात करते हुए राज्य के युवाओं को ग्लोबल स्तर पर सक्षम बनाने के लिए सरकार के कई महत्वपूर्ण फैसलों और योजनाओं की जानकारी साझा की. सीएम ने बताया कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में परिसर के भीतर ही आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ ही इंटर्नशिप और रोजगार हासिल कर सकें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक विषयों के साथ-साथ राज्य के युवाओं को जापानी, जर्मन और कोरियाई भाषाएं सिखाई जा रही हैं. इसके अलावा, आईटीआई में नए ट्रेड्स शुरू करने और एमएसएमई विभाग के जरिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं.
एआई और स्किल डेवलपमेंट के लिए क्या है एमपी सरकार की पहल?
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पूरे देश में सबसे कम कहीं बेरोजगारी की दर है, तो मध्य प्रदेश में है. सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर मध्य प्रदेश में मिल रहे हैं. हमारे यहां राज्य में 10 साल से अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन नहीं हो रहे थे. मुझे इस बात की खुशी है कि इसके कारण से हमारे लाखों लोगों के प्रमोशन हो गए. सारे विभागों में एक तरह से जवानी आ गई. कई विभागों में नई भर्ती हो गई. सरकार पूरी इस व्यवस्था में हर एक विभाग की दृष्टि से ठोस काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि स्किल के लिए भी हम काम कर रहे हैं, क्योंकि यह तो आप भी जानते हैं कि सभी सरकारी पद अगर भर भी दें, तब भी सरकारी पद केवल 10 लाख ही हैं. ऐसे में हमारी राज्य की आबादी 8 करोड़ से ज्यादा है. अब तो 9 करोड़ भी बोलते हैं. ऐसे में हमारे यहां बड़े पैमाने पर दूध का उत्पादन, कृषि और इंडस्ट्रियों में रोजगार मिल रहा है. मुझे खुशी है कि हमारे राज्य के अंदर एमएसएमई, हेवी इंडस्ट्री, लघु कुटीर उद्योग सब मिलाकर के 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे पूरे राज्य के अंदर लोगों की जिंदगी बदल रही है. 80 लाख हमारे किसान हैं, जिनके खाते में उनका खसरा-खतौनी बनता है. वो अपनी जिंदगी जीते हैं. उसी प्रकार से कमोबेश उसके आसपास ही उतने ही पशुपालक भी है, लेकिन पशुपालक हो, किसान हो, युवाओं को मिलने वाला एमएसएमई या इंडस्ट्री का रोजगार हो. इस सबसे पूरा समाज का ताना-बाना अपनी जिंदगी में काम पाता है.
यह भी पढ़ें: हर साल 1 लाख नौकरियां, साल में 2 बार MPPSC परीक्षा: 2027 में MP के युवाओं के लिए क्या है CM मोहन यादव का प्लान?
सीएम मोहन यादव आगे कहा कि अब काम की दृष्टि से क्या हो रहा है? जैसे एआई की बात है. अब हमारे पास स्किल की बात आ रही है कि इंडस्ट्री लग रही है, तो हमने अपने इंडस्ट्रियों के लिए दो-तीन तरफ से काम चालू किया. एक तो हमारे जितने आईटीआई हैं, उसमें नए-नए ट्रेड लाकर नए प्रकार से समसामयिक आज की जरूरत क्या है? उसी प्रकार से विश्वविद्यालय में स्किल यूनिवर्सिटी कर रहे हैं. हमारे राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) भी एक सरकारी विश्वविद्यालय था. हमने तीन विश्वविद्यालय उसके बनाए. वो तीनों स्किल यूनिवर्सिटी के नाम से बनाए. हमारे पांच सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज थे. उन इंजीनियरिंग कॉलेज के अंदर हमने आईटी पार्क कॉलेज के अंदर ही बना दिया, ताकि बच्चा वहीं पढ़े, वहीं इंटर्नशिप करे और उनको रोजगार भी वहीं मिलना चाहिए. सेमीकंडक्टर से लेकर एआई तक, डाटा सेंटर से लेकर सब आधुनिक समय के सारे विषयों को लेकर, जिस फील्ड में भविष्य की संभावना है. उससे भी आगे बढ़कर के हम अपने राज्य के युवाओं को जापानी, जर्मन और कोरियाई भाषाओं को भी सिखा रहे हैं, ताकि हमारा ट्रेंड युवा जहां चाहे वहां रोजगार भी पाए और भारत का नाम रोशन करें. हमारा प्रयास है कि मध्य प्रदेश का बच्चा किसी से पीछे नहीं रहना चाहिए. लगातार आगे बढ़ना चाहिए.
क्या सरकार स्टार्टअप्स के लिए युवाओं की मदद करेगी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि स्टार्टअप के लिए तो बिल्कुल काम कर ही रहे हैं. हमारे स्टार्टअप के लिए हमारी यूनिवर्सिटी और कॉलेज काम कर रहे हैं. अब तो इस काम पर एमएसएमई डिपार्टमेंट को लगा दिया है. स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना यह आज के लिए बहुत जरूरी है. हमारा यह इको सिस्टम बहुत काम आएगा. मैं निश्चित रूप से स्टार्टअप को प्रोत्साहन दे रहा हूं. इसके आधार पर लगभग हमारे पास कई बड़ी संख्या में लोगों को काम भी मिल रहा है और केवल स्टार्टअप नहीं वो आगे जाकर उद्यमशील बनें और उद्योगपति बने. हम उस दिशा में काम कर रहे हैं. मुझे इस बात की प्रसन्नता है. हमारे राज्य में बहुत तेजी से स्टार्टअप भी मिल रहे हैं और बाद में उनके अपने कामों के बलबूते पर वो पंजीयन कराकर आगे बढ़ रहे हैं.