मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी-किरनापुर थाना इलाके में हुई लूट मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस टीम ने 5 राज्यों में लगभग 22 हजार किलोमीटर का सफर तय कर 56 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद गैंग के 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में कुल 6 आरोपी नामजद बताए जा रहे हैं, जिनमें से एक की मौत भी हो चुकी है. जबकि, एक अस्पताल में भर्ती है, दो अन्य फरार हैं. पकड़े गए आरोपियों से 20 लाख रुपए की ज्वेलरी, 3 किलो चांदी, 70 ग्राम सोना बरामद किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित 76 पुलिसकर्मियों जिसमें 9 निरीक्षकों की खास टीम ने उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में दबिश दी थी. वहीं साइबर टीम की मदद से 25 अलग-अलग जेलों के प्रॉपर्टी क्राइम से जुड़े डेटा खंगाले गए. जांच के दौरान अलग-अलग राज्यों के लगभग 190 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई थी. इस पूरे ऑपरेशन में महाराष्ट्र पलिस के मार्वल प्लेटफॉर्म और उड़ीसा पुलिस का सहयोग भी मिला था.
पुलिस को मिली सफलता
बता दें कि पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल करते थे. आपस में केवल इंस्टाग्राम व व्हाट्ऐप कॉलिंग पर बात करते थे. लेकिन बालाघाट साइबर सेल की सूझबूछ और फेसबुक चैट के विश्लेषण से आरोपियों की सटीक लोकेशन ट्रैकिंग संभव हो सकी, जिससे पुलिस उन तक पहुंचने में सफल रही है.
बालाघाट भी आना-जाना
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड आदतन अपराधी चिरंजीव उर्फ शुभम यादव था. उन्होंने आगे बताया कि चिरंजीव पहले बालाघाट के इंदिरा नगर में रहता था, लेकिन प्रेम विवाह के बाद वह छत्तीसगढ़ के महासमुंद में बस गया था. हालांकि, उसके ससुराल और दोस्तों के चलते बालाघाट में आना-जाना लगा रहता था. इसके बाद वह छत्तीसगढ़ में बाइक से लूट करने वाली गैंग से जुड़ गया था.
पुलिस को दे रहे थे चकमा
एसपी आदित्य मिश्रा ने आगे बताया कि, चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद आरोपी सीधे तिरुपति भाग गए थे. पिछले 15 महीने को एक सड़क हादसे में मुख्य आरोपी चिरंजीव की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी घायल हो गया था. उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. आरोपी घटना को अंजाम देने से पहले बाकायदा रेकी करते थे. वारदात के दौरान ये रेसर बाइक का इस्तेमाल करते थे. पुलिस को चकमा देने के लिए रास्ते में समय-समय पर अपने कपड़े बदलते थे. कुछ दूरी के बाद चालक व पीछे बैठा सवार अपनी जगह आपस में बदल लेते थे.
लूट गिरोह का भंडाफोड़
उन्होंने यह भी कहा था कि पकड़े गए सभी आरोपी पेशेवर और अंतरराज्यीय अपराधी हैं, जिनकी तलाश उड़ीसा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों की पुलिस लंबे समय से कर रही थी. फिलहाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर अंतरराज्यीय लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया है.