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आवारा कुत्तों को पकड़ने आई थी नपा टीम, लेकिन पिंजरे पर बैठ गया मालिक, पीछे खड़ी थी पूरी कॉलोनी...फिर जो हुआ

खरगोन के ज्योति नगर में आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर पालिका की टीम के सामने हंगामा हो गया. पालतू कुत्ते के मालिक ने अपने डॉग को बचाने के लिए पिंजरे पर बैठकर विरोध किया. लेकिन इलाके में रहने वाले लोग आवारा कुत्तों से काफी परेशान है, जिसके बाद टीम इन्हें पकड़ने के लिए पहुंची थी.

आवारा कुत्तों को पकड़ने आई थी नपा टीम, लेकिन पिंजरे पर बैठ गया मालिक, पीछे खड़ी थी पूरी कॉलोनी...फिर जो हुआ
Image Credit: Zee News

मध्य प्रदेश में डॉग बाइट की घटनाओं के चलते कुत्तों को पकड़ने की मुहिम लगातार जारी है. वहीं दूसरी ओर पालतू कुत्तों के मालिकों का अपने डॉग के प्रति प्यार भी देखने को मिल रहा है. वहीं खरगोन के ज्योति नगर में दोनों के बीच तकरार देखने को मिली है. करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान कुत्तों को पकड़ने आए नगर पालिका के वाहन के पिंजरे पर पालतू डॉग का मालिक तब तक बैठा रहा, जब तक उसका डॉग उसे नहीं मिल गया.

दरअसल, ज्योति नगर के रहवासियों ने कॉलोनी में 20 से अधिक कुत्तों के झुंड और उनके द्वारा बच्चों को काटे जाने की शिकायत नगर पालिका से की थी. चार बार शिकायत के बाद शनिवार को नगर पालिका की टीम कुत्तों को पकड़ने के लिए पिंजरे वाला वाहन लेकर कॉलोनी पहुंची. टीम ने करीब चार कुत्तों को पकड़ भी लिया.

कार्रवाई का किया विरोध
इसी दौरान कॉलोनी के रहने वाले महेश चौरे ने कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने अपने पालतू कुत्तों का वैक्सीनेशन और रेबीज के टीके लगवाए जाने का दावा किया. साथ ही कानूनी धाराओं का हवाला देते हुए कुत्तों को पकड़ने का विरोध किया. दूसरी तरफ कॉलोनी के रहवासियों ने आवारा कुत्तों के झुंड और उनके द्वारा लोगों को काटे जाने की शिकायतों का हवाला देते हुए कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई का समर्थन किया.

कुत्ते झुंड बनाकर घूमते हैं
ज्योति नगर के राघवेंद्र आचार्य, दिलीप सोनी और ऋषिका नगर के अयाज जंग समेत अन्य लोगों ने बताया कि कॉलोनी में करीब 20 से अधिक कुत्ते झुंड बनाकर घूमते हैं. ये कुत्ते आवाजाही करने वाले वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों के पीछे दौड़ लगाते हैं. इसी वजह से रहवासियों ने नगर पालिका से शिकायत की थी.

इलाके के लोगों का विरोध
शिकायत के बाद शनिवार को नगर पालिका की टीम कॉलोनी पहुंची. कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की. टीम ने करीब चार कुत्तों को पकड़कर पिंजरे में डाल दिया. इसी दौरान महेश चौरे ने कार्रवाई का विरोध करते हुए पिंजरे पर चढ़ गए. उन्होंने पिंजरा खोलकर कुत्तों को मुक्त कराने का प्रयास भी किया, जिसका कॉलोनी के लोगों ने विरोध किया.

हंगामे के बाद टीम रवाना
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद नगर पालिका की टीम ने मौके से रवाना होना उचित समझा. जब टीम पकड़े गए कुत्तों को लेकर लौटने लगी, तभी महेश चौरे ने पिंजरे का दरवाजा खोलकर अपने पालतू कुत्ते को बाहर निकाल लिया. इसके बाद उन्होंने उसे गोद में लेकर दुलार किया और कहा कि इस कुत्ते का उन्होंने वैक्सीनेशन कराया है और यह उनका पालतू कुत्ता है. (रिपोर्टः राकेश जयशवाल, खरगोन)

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Manish Kushawah

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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