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पहले 10, फिर 4 लाख रुपये: राहुल गांधी के कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के लिए 2 बार क्यों लिए गए पैसे? IDA CEO ने बताई अंदर की बात

इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ परिक्षित जादे ने राहुल गांधी के इंदौर में होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए पहले 10 लाख रुपये और फिर 4 लाख रुपये जमा कराने की पूरी प्रक्रिया की वजह बताई है. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कांग्रेस ने समय पर रीजनल पार्क की जमीन खाली नहीं की, तो नियमों के तहत आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Written By Sumit Rai
Published: Sep 18, 2026, 07:29 PM IST | Updated: Sep 18, 2026, 07:33 PM IST
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राहुल गांधी के इंदौर में 19 सितंबर को होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर लगातार नए-नए विवाद सामने आ रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि रीजनल पार्क में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने पहले 10 लाख रुपये का शुल्क लिया और बाद में फिर 4 लाख रुपये का अतिरिक्त डिमांड नोटिस थमा दिया. दो बार में 14 लाख रुपये वसूले जाने पर सवाल उठे. अब इस पर IDA के सीईओ परिक्षित जादे ने इस पूरी प्रक्रिया की वजह बताई है. आखिर किस नियम के तहत कांग्रेस से यह अतिरिक्त रकम ली गई और इसके पीछे की असल वजह क्या है, चलिए आपको बताते हैं.

इंदौर विकास प्राधिकरण यानी आईडीए (IDA) के सीईओ परिक्षित जादे ने साफ किया है कि कार्यक्रम के लिए कांग्रेस से पैसे नियम के अनुसार ही लिए गए हैं और इंदौर कांग्रेस कमेटी ने कुल 14 लाख रुपये जमा करा दिए हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस के अस्थायी लीज के लिए 10.08 लाख रुपये जमा करने के बाद, इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 4.03 लाख रुपये और जमा करने को कहा था.

पहले 10, फिर 4 लाख रुपये क्यों जमा कराए गए?

परिक्षित जादे ने बताया कि इंदौर कांग्रेस कमेटी की ओर से रीजनल पार्क की जमीन के उपयोग को लेकर आवेदन दिया गया था. हालांकि, प्राधिकरण को शिकायत मिली कि तय निर्धारित तिथि से पहले ही इस स्थान का उपयोग शुरू कर दिया गया है. इस शिकायत के बाद आईडीए (IDA) के इंजीनियर्स की टीम से मौके का मुआयना कराया गया, जिसमें उस जगह पर डोम और अन्य अस्थाई स्ट्रक्चर बनते पाए गए. इसी के आधार पर शहर कांग्रेस कमेटी को लगभग 4 लाख रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया गया.

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की ओर से दी गई मूल अनुमति 17 सितंबर से 19 सितंबर तक थी, लेकिन उस जगह पर काम पहले से शुरू कर दिया गया था. अब पूरे पैसे जमा करने के बाद भी अनुमति कार्यक्रम के लिए ही मान्य रहेगी. यदि 19 तारीख के बाद भी इस जगह का अनधिकृत उपयोग जारी रहता है, तो नियमों के तहत आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

IDA ने सिटी कांग्रेस कमेटी को लिखा था पत्र

राज्य सरकार के अधीन आने वाली इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने इससे पहले सिटी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे को लिखे एक पत्र में बताया था कि 'छात्रों की गूंज; कार्यक्रम के लिए 17 से 19 सितंबर तक अस्थायी लीज पर 12 हजार वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन साइट के निरीक्षण से पता चला कि पार्टी 14 सितंबर से ही 4,800 वर्ग मीटर जमीन का इस्तेमाल कर रही थी.

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होंगे. आयोजन को लेकर इंदौर के रीजनल पार्क के सामने मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं, जहां एक बड़ा डोम तैयार किया गया है. इसी मंच से राहुल गांधी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे. हालांकि, प्रशासन की ओर से 31 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी गई है, जिसे लेकर कांग्रेस नेता लगातार भाजपा और प्रशासन पर रोड़े अटकाने का आरोप लगा रहे हैं.

ये भी पढ़ें- 1500 वॉलंटियर्स की तैनाती, 40 CCTV से निगरानी...इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए 31 शर्तें, पुलिस ने राजीव हत्याकांड का दिया हवाला

जीतू पटवारी बोले- छात्रों का मुद्दा दलगत राजनीति से ऊपर

कार्यक्रम से एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को साझा करते हुए शिक्षा, रोजगार, सरकारी भर्तियों, आरक्षण और विश्वविद्यालयों से जुड़ी समस्याओं के मुद्दे उठाए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं और शिक्षा से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा के लिए इंदौर आने का निर्णय लिया है. प्रशासनिक अड़चनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी विवाद या नकारात्मकता में नहीं पड़ना चाहती. उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह सिर्फ राजनीतिक विचार नहीं है, बल्कि कांग्रेस और भाजपा से भी बड़ा राष्ट्रहित का विचार है. कार्यक्रम में हर वर्ग के बच्चों की शिक्षा से जुड़े सवालों पर निष्पक्ष चर्चा होगी. देश में इस बात पर गंभीर मंथन की जरूरत है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार कैसे बने और सरकार इसकी जिम्मेदारी कैसे निभाए.'

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न्यूज़ मीडिया में 13 सालों से अधिक के अनुभव के साथ सुमित राय एक डिजिटल पत्रकार हैं. वर्तमान में सुमित राय Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम के लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, क्राइम और हाइपरलोकल मुद्दों के सटीक और गहरे विश्लेषण पर उनकी मजबूत पकड़ है.भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सुमित ने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई. अपने करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और लोकमत हिंदी जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ-साथ जटिल राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' और 'ओपिनियन' लिखना उनकी मुख्य पहचान है. वे न्यूज़ डेस्क मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस के उच्च मानकों को बनाए रखते हैं, ताकि पाठकों तक प्रामाणिक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित खबरें ही पहुंचे.सुमित राय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें sumit2.kumar@zeemedia.com पर ईमेल कर सकते हैं. इसके अलावा, आप एक्स (ट्विटर), फेसबुक और लिंक्डइन पर उनके हैंडल @imSumitKRai के जरिए उनसे सीधे जुड़ सकते हैं.
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