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इंदौर में पुलिस विभाग के एक प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है. लोकायुक्त में की गई शिकायत की जांच के दौरान आरोपी की कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है. जांच के मुताबिक फिरोज खान के पास करीब 6.26 करोड़ रुपए की संपत्ति होने का पता चला है, जो उनकी आंकी गई आय से 223 प्रतिशत अधिक है. मामले में फिरोज खान की पत्नी, मां और परिचित महिला रोशनी वर्मा की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है.
लोकायुक्त की टीम ने 14 अक्टूबर को सुबह 6 बजे प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की. यह कार्रवाई देवास स्थित उनके आवास समेत कुल 15 स्थानों पर की गई. लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया. फिरोज खान पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में प्रधान आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ हैं. उनका देवास के आदर्श नगर स्थित मकान नंबर 12बी भी कार्रवाई के दायरे में शामिल है. लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्श में यह कार्रवाई की गई.
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से की शिकायत
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त, इंदौर डिवीजन) राजेश सहाय के पास शिकायत दर्ज कराई. इसमें आरोप लगाया गया कि प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज इंदौर में अपनी ड्यूटी से अक्सर बिना बताए गायब रहते थे. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने पुलिस विभाग में अपने पद का इस्तेमाल करके देवास इलाके में विवादित जमीन, प्लॉट और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में दखल दिया. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि वे बिचौलियों के जरिए जमीन के सौदे करवाते थे और लकड़ी का कारोबार भी करते थे. शिकायत में आगे यह भी बताया गया कि फिरोज खान की पत्नी, मां और एक परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर संपत्ति और कई गाड़ियां खरीदी गई हैं. इसके अलावा इस बात पर भी जोर दिया गया कि आदर्श नगर में उनके मौजूदा घर के पास एक नया घर बनवाया जा रहा था.
6.26 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
इस शिकायत की जांच का जिम्मा डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस सुनील टलन को सौंपा गया था. जांच में आरोपी की कई संपत्तियों का पता चला. जांच के मुताबिक फिरोज खान को सैलरी के तौर पर अबतक लगभग 75 लाख मिले. अगर आय के दूसरे स्रोतों को भी जोड़ लिया जाए, तो उनकी कुल आय का अनुमान 1,93,84,440 लगाया गया है. जबकि अब तक की जांच से पता चला है कि उनके पास लगभग 6,26,67,879 की ऐसी संपत्ति है जो उनकी आय के अनुपात से कहीं ज्यादा है. बताया जा रहा है कि यह आंकड़ा उनकी अनुमानित आय से 223 प्रतिशत ज्यादा है.
जांच में जुटी लोकायुक्त की टीम
इस मामले में चर्चा का मुख्य विषय शामिल संपत्तियों की संख्या और उनकी कुल कीमत है. जांच में कई तरह की गाड़ियों, जैसे ट्रक, कार, स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल का भी जिक्र है. हालांकि इन संपत्तियों की सही कीमत इन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए फंड का स्रोत और ये किसके नाम पर रजिस्टर्ड हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस मामले से जुड़ी 33 अचल संपत्तियों और 21 बैंक खातों की पहचान की गई है. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये संपत्तियां कब खरीदी गईं और इन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए फंड का स्रोत क्या था.
जमीन के सौदे में शामिल होने का आरोप
जांच में तहसील सांवेर के गांव गुरान में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है. इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता और उसके पिता के बीच विवाद है. आरोप है कि फिरोज खान ने इस विवाद का फायदा उठाकर शिकायतकर्ता के पिता से एक परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाया. जांच से इस जमीन के सौदे में फिरोज खान की अप्रत्यक्ष भूमिका का पता चला है.
रियल एस्टेट निवेश की जांच
जांच के दौरान पता चला कि साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम की एक फर्म फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर है. इस फर्म के खातों से करोड़ों रुपयों के लेन-देन का भी पता चला है. वहीं शुरुआती जांच से पता चला है कि रोशनी वर्मा रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम की फर्म चलाती हैं. जमीन खरीद के मामलों में शामिल होने का पता चलने के बाद रोशनी वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है. इसके अलावा शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि फिरोज खान ने रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया था.