पहले कोर ग्रुप से कट गया नाम, अब मिलने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल; क्या नरोत्तम मिश्रा को मिलने जा रही बड़ी जिम्मेदारी?
एमपी बीजेपी कोर ग्रुप से नाम कटने और राजनीतिक हलचलों के बीच प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खुद नरोत्तम मिश्रा के घर पहुंचकर मुलाकात की है. इसके बाद उनको संगठन में जगह दिए जाने को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं.
दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के हार के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रदेश कोर ग्रुप के पुनर्गठन में उनका नाम शामिल नहीं किया गया. हालांकि, इस राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल खुद नरोत्तम मिश्रा के घर पहुंचे हैं और उनसे मुलाकात की. इसके बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि संगठन नरोत्तम मिश्रा की नई भूमिका को लेकर सक्रियता से बातचीत कर रहा है और पार्टी जल्द ही उन्हें संगठन के भीतर कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकती है.
कभी भाजपा के राजनीतिक संकटों में 'संकटमोचन' की भूमिका निभाने वाले नरोत्तम मिश्रा के आमंत्रण पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल उनके भोपाल स्थित निवास पर मुलाकात के लिए पहुंचे. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी है. दतिया उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद नरोत्तम मिश्रा को अब तक सत्ता और संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है.
दतिया में हार के बाद बिगड़े नरोत्तम मिश्रा के समीकरण
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश सरकार में प्रभावशाली मंत्री रहे हैं और उनकी गिनती सरकार में दूसरे सबसे ताकतवर नेता के रूप में की जाती थी. एक समय मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी उनका नाम चर्चा में रहा. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब विधानसभा चुनाव में दतिया सीट पर उनको हार का सामन करना पड़ा. इसके बाद इस साल दतिया सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने उनको टिकट नहीं दिया. नरोत्तम मिश्रा की जगह बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारा और उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने हरा दिया.
दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया. उनके समर्थकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे. इसके बाद बीजेपी ने जिलाध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था. इसके बाद एमपी बीजेपी के कोर ग्रुप की अहम बैठकों में नरोत्तम मिश्रा को आमंत्रित नहीं किए जाने की भी चर्चा सामने आई और अब उन्हें कोर ग्रुप की नई लिस्ट में जगह नहीं मिली है.