रात 12 बजे डांट और 2 बजे हत्या: पूर्व IAS की हत्या पर केयरटेकर का खुलासा, पढ़ें आरोपी का कबूलनामा और साजिश की इनसाइड स्टोरी
पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी वरुण वाल्मीकि ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं, जिससे शातिर हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी सामने आ चुकी है.
भोपाल के हाइप्रोफाइल पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी केयरटेकर वरुण वाल्मीकि ने पुलिस पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. आरोपी ने कबूला कि 29 सितंबर की रात करीब 12 बजे दवा देने में हुई 10 मिनट की देरी पर पूर्व IAS अधिकारी ने उसे जमकर डांटा और 'दफा हो जाओ' कह दिया. इस बात से आहत होकर उसने रात 2 बजे सो रहे राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी. हत्या के बाद सबूत मिटाने और इसे हादसे का रूप देने के लिए उसने घर में धमाका कर उड़ाने तक की साजिश रची थी. हत्या को अंजाम देकर फरार के बाद एक महीने तक 9 अलग-अलग राज्यों में वेश बदलकर गुजारा किया. इस शातिर हत्यारे की पूरी इनसाइड स्टोरी अब सामने आ चुकी है, जिसका खुलासा उसने खुद किया है.
भोपाल के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की 29 सितंबर को उनके घर में हत्या हो गई थी और उनका केयरटेकर वरुण वाल्मीकि फरार था. करीब एक महीने की तलाशी के बाद पुलिस ने वरुण को सोमवार (2 नवंबर) तो आगरा से गिरफ्तार किया. इसके बाद भोपाल लाते समय मंगलवार सुबह करीब 5 बजे उसने भागने की कोशिश की और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई. इसके बाद से वह भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती है. इस मामले में मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर सुनवाई की और 7 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की.
क्राइम सीन रिक्रिएट कराएगी पुलिस
हमीदिया अस्पताल में ही पुलिस आरोपी वरुण वाल्मीकि से लगातार पूछताछ कर रही है और उसने हत्या की बात कबूल की है. इसके साथ ही उसने कई खुलासे किया हैं. हमीदिया अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही पुलिस उसको पूर्व आईएएस अधिकारी के घर लेकर जाएगी और सीन रिक्रिएट कराएगी.
आरोपी का कबूलनामा और हत्या की इनसाइड स्टोरी
वरुण ने पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह का भी खुलासा किया है और बताया है कि तानों और अपमान से कुंठित होकर उसने बेरहमी से हत्या की. उसने बताया कि वारदात की रात करीब 12 बजे दवा देने में देर होने पर पूर्व आईएएस ने आखिरी बार डांटा था. डांटते हुए उन्होंने कहा था- 'तू यहां क्यों आया है? तेरी यहां जरूरत नहीं, दफा हो जा.' यह बात वरुण को चुभ गई और उसने सिर्फ 2 घंटे बाद रात करीब 2 बजे धारदार हथियार से राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी और फरार हो गया.
घर उड़ाने की रची थी साजिश
हत्या के बाद उसने वारदात को हादसे का रूप देने के लिए घर में धमाका कर उड़ाने की साजिश भी रची थी. फरार होने से पहले उसने घर में रखे 2 गैस सिलेंडर को खोलकड़ छोड़ दिया. इसके साथ ही उसने प्रेस को ऑन कर कपड़ों पर रख दिया था, ताकि आग लगने पर धमाका हो जाए. हालांकि, इस बीच पूर्व आईएएस की पत्नी की नींद खुल गई और उन्होंने प्रेस की स्विच बंद कर दी. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
फरारी के दौरान हर 2 दिन में बदलता रहा लोकेशन
हत्या को अंजाम देने के बाद करीब 2.30 घर से निकलकर वह रेलवे स्टेशन पहुंचा और करीब 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस से फरार हो गया. फरारी के दौरान वह ग्वालियर, आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली गया. इसके बाद दिल्ली से हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश और मनाली भी गया. पुलिस से बचने के लिए वह हर 2 दिन में ठिकाने बदलते रहा और कबाड़ी बेचकर गुजारा किया. इस दौरान वह फुटपाथ पर सोया.
लूट के इरादे से जॉइन की थी नौकरी
पुलिस पूछताछ में वरुण ने खुलासा किया है कि उसने बड़ी रकम लूटने के इरादे से पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल के घर नौकरी जॉइन की थी. उसका इरादा 10 से 20 लाख रुपये लूट पर थी. घर के बाहर लगी रिटायर्ड आईएएस की नेम प्लेट देखकर उसे लगा था कि यहां मोटी रकम मिलेगी, लेकिन राकेश अग्रवाल तानों और अपमान से कुंठित होकर उसने हत्या कर दी. हत्या के बाद वह घर से कुछ नकदी और करीब 23-24 डॉलर लेकर ही भाग सका.