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मध्य प्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कोतवाली पुलिस ने एक शातिर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. यह व्यक्ति डॉक्टर बनकर मरीजों के परिजनों को ठगता था. आरोपी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं के परिजनों को फोन करता था और उन्हें बेहतर इलाज या सिजेरियन ऑपरेशन कराने का झांसा देता था. इसके बाद वह उनके मोबाइल फोन पर एक QR कोड भेजता था और उन्हें बेवकूफ बनाकर UPI के जरिए हजारों रुपये ट्रांसफर करवा लेता था.
19 अक्टूबर को मंडई खुर्द के रहने वाले विजय नागले की पत्नी को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इस दौरान एक शख्स ने फोन किया और खुद को डॉक्टर बताकर 5,000 रुपये की मांग की. उसने दावा किया कि इससे सिजेरियन ऑपरेशन बेहतर तरीके से हो सकेगा. आरोपी ने एक QR कोड भेजा, जिसके जरिए परिवार ने 5,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसी तरह अस्पताल में भर्ती एक अन्य महिला के परिवार से भी 5,000 रुपये मांगे गए, जिसमें से 3,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए गए. इसके अलावा 14 अक्टूबर को कविता पिपरदे के परिवार से भी सिजेरियन डिलीवरी के नाम पर 6,000 रुपये की मांग की गई और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए 3,000 रुपये ले लिए गए.
इस घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया और एक विशेष टीम का गठन किया. तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल फोन रिकॉर्ड के जांच के आधार पर आरोपी की पहचान जितेंद्र खाकरे के रूप में हुई, जो आठनेर थाना क्षेत्र के खापा गांव का रहने वाला है. 27 अक्टूबर को पुलिस टीम ने आरोपी को घेरकर गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस जांच में इंदौर और भोपाल में भी धोखाधड़ी के ऐसे ही मामले सामने आए हैं. भोपाल में आरोपी ने कथित तौर पर हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर का रूप धरा और प्रसव के दौरान बेहतर इलाज का वादा करके UPI के जरिए पैसे वसूले. इंदौर में सर्जरी और इलाज के नाम पर इसी तरह ऑनलाइन पैसे ऐंठने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और इन अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है.
रूपेश कुमार की रिपोर्ट