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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कहा है कि नशे के कारोबार में शामिल छोटे हों या बड़े, किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि सभी के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और तस्करों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा.
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि पूरे विन्ध्य में अब तक करीब 13 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं, जबकि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में 1600 आरोपी जेल में बंद हैं. इसके अलावा करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल नशे की तस्करी में किया जाता था.
नशा के खिलाफ रणनीति
वहीं उन्होंने आगे कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मध्य प्रदेश को और पूरे विन्ध्य को नशामुक्त बनाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की गई है. खास तौर पर रीवा और विंध्य क्षेत्र में नशीली कफ सिरप, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रणनीति तैयार की गई है.
सीएम योगी से भी बात
साथ ही, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने नशीली कफ सिरप की तस्करी पर कहा, पहले उत्तर प्रदेश की सीमा के रास्ते मध्य प्रदेश में नशीली कफ सिरप आने की समस्या सामने आती थी. इस पर अधिकारियों से चर्चा की गई. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नशीली कफ सिरप को एनडीपीएस कानून के दायरे में लाने के बाद जिस तरह कार्रवाई की जा रही है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं.
कामयाब नहीं होने देंगे
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े छोटे-बड़े किसी भी नेटवर्क को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा. उन्हें पकड़कर जेल भेजा जाएगा. इसके साथ ही नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को सुधारने और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.
गृहमंत्री ने क्या कहा था?
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने भी नशे पर ऐलान किया था. उन्होंने 3 अक्टूबर को राजधानी भोपाल के दशहरा मैदान में एक कार्यक्रम के दौरान संकल्प लिया था कि 31 दिसंबर 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त बनाना है. गृहमंत्री अमित शाह ने सीएम मोहन यादव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की बात कही थी. उन्होंने प्रदेश की माताओं से भी अपील की थी, कि वे अपने बच्चों को नशे की लत लगने से पहले सतर्क रहें. उन्होंने भरोसा भी दिलाया था कि 31 दिसंबर 2029 के बाद प्रदेश में बच्चों के लिए नशे की कोई जगह नहीं होगी.