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ग्वालियर में तंजानिया की छात्रा से साइबर ठगी: वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बनाया शिकार, पुलिस जांच में जुटी

ग्वालियर में पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए पार्ट-टाइम जॉब की तलाश कर रही तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा साइबर ठगी का शिकार हो गई. ठगों ने वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर अपना निशाना बनाया.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 25, 2026, 11:28 AM IST | Updated: Oct 25, 2026, 11:33 AM IST
Image Credit: ग्वालियर में विदेशी छात्रा से साइबर ठगी
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. हाल ही में सिरोल थाना क्षेत्र में तंजानिया की एक 22 वर्षीय विदेशी छात्रा ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई. हेरियथ जस्टीना नाम की यह छात्रा स्टूडेंट वीजा पर ग्वालियर के एक विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही है और सिरोल इलाके की एमके सिटी टाउनशिप में अपने भाई के साथ रहती है. छात्रा की शिकायत पर सिरोल पुलिस ने ई जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी

दरअसल, तंजानिया की रहने वाली हेरियथ जस्टीना अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम नौकरी की तलाश कर रही थीं. 15 अक्टूबर को उन्हें पार्ट-टाइम जॉब के बारे में एक मैसेज मिला, जिसमें घर से काम करके अच्छी कमाई करने का मौका दिया गया था. इसे एक असली नौकरी का ऑफर मानकर छात्रा ने इसे स्वीकार कर लिया. नौकरी की प्रक्रिया शुरू करने के बहाने ठगों ने उनसे पैसे मांगना शुरू कर दिया . उन्होंने फाइल प्रोसेसिंग फीस, वेरिफिकेशन फीस और रजिस्ट्रेशन फीस जैसे अलग-अलग शुल्कों के नाम पर पैसे मांगे.

 

ऐसे हुआ ठगी का एहसास

आरोपी की चाल में फंसकर छात्रा ने 15 और 16 अक्टूबर के बीच 13 अलग-अलग पेटीएम UPI ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 50,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए. पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी न तो उसे वादा की गई नौकरी मिली और न ही उसके पैसे वापस आए. इसके बजाय आरोपी और अधिक पैसों की मांग करने लगा. शक होने पर उसने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपी ने उसे ब्लॉक कर दिया. तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है.

पुलिस जांच में जुटी

अपने साथ हुई ठगी का पता चलने पर छात्रा ने साइबर सेल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत के आधार पर सिरोल पुलिस स्टेशन ने एक 'ई-जीरो' FIR दर्ज की है. पुलिस फिलहाल छात्रा के पेटीएम ट्रांजेक्शन और चैट हिस्ट्री की जांच कर रही है. इसके अलावा उन बैंक खातों के धारकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, साथ ही उन लोगों का भी पता लगाया जा रहा है जो इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार हैं.

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साइबर ठगों से सतर्क रहें

तंजानिया के इस छात्रा के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि पार्ट-टाइम जॉब या 'वर्क फ्रॉम होम' के लुभावने प्रस्तावों के झांसे में आने से पहले पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए. ऑनलाइन जॉब के नाम पर किसी भी तरह की फाइल या रजिस्ट्रेशन फीस देना भारी पड़ सकता है. फिलहाल, पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और उम्मीद है कि साइबर ठग जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे.

ग्वालियर से करतार सिंह राजपूत की रिपोर्ट
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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