मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक गांव के कुएं से तीन बच्चों के शव मिले हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों शवों को बाहर निकाला. शव क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं. घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टामार्टम के लिए भेज दिया है.
मामला चुई गांव का है, यहां एक कुएं में मिले तीन बच्चों के शवों पर चोट के निशान हैं. परिजनों के अनुसार बच्चों की नाक, कान और जीभ काट दी गई थी. उनके होंठों पर भी कटने के निशान थे. इसे नरबलि का मामला मानते हुए ग्रामीणों ने CBI जांच की मांग की है. हालांकि इन आशंकाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
तीनों बच्चों में विजय और मयंक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे, जबकि विवेक का एक भाई है. इन तीनों बच्चों की मौत से उनके परिवारों में शोक छा गया है. परिजनों के अनुसार दशहरा की दोपहर करीब 3:00 बजे तीनों बच्चे घर से निकले थे. शाम 4:00 बजे उनके लापता होने का पता चलने पर परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने उन्हें खोजना शुरू किया. पास के खेतों में बच्चों की साइकिलें मिलीं. आस-पास तीन कुएं थे और ग्रामीणों ने उनमें तलाश शुरू की. एक गहरे कुएं में एक बच्चे का शव मिला. इसके बाद उसी कुएं से बाकी दो बच्चों के शव भी मिल गए. ग्रामीणों ने तीनों शवों को बाहर निकाला.
परिजनों ने दावा किया गया है कि बच्चों के कान और जीभ काट दिए गए थे. उनके होठों पर भी कटने के निशान थे. शवों की हालत को देखते हुए ग्रामीणों को हत्या और नरबलि की आशंका जताई है. संतोष ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और साथ ही CBI से जांच कराने की मांग की है. विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि किसी भी तरह के संदेह को दूर करने के लिए जरूरी नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे. साथ ही कुएं में किसी जानवर के होने की संभावना की जांच करने के लिए उसे खाली कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.