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भोपाल के रातीबड़ स्थित सूरज नगर में बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार जारी है. लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार अभी भी फरार है. इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी चलाने वाले अखिलेश वर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. जांच में पता चला कि एजेंसी चलाने वाले ने अपने यहां काम पर रखे कर्मचारी (वरुण कुमार) के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी थी, जिसकी वजह से उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हो सका.
इस मामले में आरोपी केयरटेकर की तलाश के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें लगातार ग्वालियर, मथुरा, आगरा और दिल्ली जैसे शहरों में डेरा डाले हुए हैं और उसके बारे में सुराग ढूंढ रही हैं. पुलिस के मुताबिक, 35 साल का अखिलेश वर्मा मूल रूप से सीहोर जिले का रहने वाला है. वह अभी बागसेवनिया इलाके में रहता था और वहां 'वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी' चलाता था. उसने यह एजेंसी मई 2026 में शुरू की थी. सुरक्षा में इस बड़ी चूक और तय नियमों की अनदेखी के कारण, एजेंसी चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
गौरतलब है कि 29-30 सितंबर की रात रातीबड़ के सूरज नगर इलाके में वरुण कुमार नाम के एक केयरटेकर ने रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी थी. आरोपी ने सोते समय पीड़ित का गला रेतने के लिए एक तेज ब्लेड का इस्तेमाल किया और फिर घर से मोबाइल फोन, सोना और नकदी लूट के फरार हो गया. पुलिस ने अभी तक हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है. हत्या के बाद वह भोपाल रेलवे स्टेशन से आगरा भाग गया था. पूरे एक हफ्ते तक पुलिस की 15 टीमों ने अलग-अलग जगहों पर आरोपी की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की है.
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी केयरटेकर का 15 दिन बाद भी कोई सुराग न मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है. सुरक्षा के नजरिए से बिना पुलिस वेरिफिकेशन के केयर टेकर मुहैया कराने वाली एजेंसियों पर लगाम लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. पुलिस अलग-अलग शहरों में लगातार छापेमारी कर रही है.