मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कलेक्टर का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. स्वास्थ्य विभाग में 7 डॉक्टरों समेत 85 अधिकारी-कर्मचारियों के अटैचमेंट को समाप्त कर दिया गया है. पता चला है कि यह सभी कर्मचारी मूल पदस्थापना से दूर अटैचमेंट के जरिए मनचाही जगहों पर सेवाएं दे रहे थे. फिलहाल, कलेक्टर ने इन कर्मचारियों की अटैचमेंट व्यवस्था पर ब्रेक लगा दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें कई ऐसे कर्मचारी-अधिकारी भी शामिल हैं, जिनकी तैनाती ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की गई थी. लेकिन वे अपनी मूल पदस्थापना पर सेवाएं देने के बजाय जिला मु्ख्यालय या अपनी सहूलियत वाली जगह अटैचमेंट पर काम कर रहे थे.
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भोपाल से मिले निर्देशों के बाद बैतूल कलेक्टर और सीएमएचओ ने सभी तरह के अटैचमेंट समाप्त करने की कार्रवाई की है. आदेश के बाद कलेक्टर डॉ. संजय सौरभ ने 85 अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत अपने मूल पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं.
इसमें सबसे खास बात यह है कि अब इन कर्मचारियों की अटेंडेंस सार्थक ऐप पर उनकी मूल पदस्थापना वाली लोकेशन से ही दर्ज होगी. यानी मनचाही जगह पर अटैचमेंट के माध्यम से ड्यूटी करने की व्यवस्था पर पूरी तरह से ब्रेक लगाने की तैयारी है. इसका मकसद सिर्फ इतना है कि दूरस्थ इलाकों में मुहैया कराई जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो सके.
वहीं कलेक्टर संजय सौरभ का कहना है कि भोपाल से मिले निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग के सभी अटैचमेंट समाप्त कर दिए हैं. इसमें मेडिकल विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं. कलेक्टर ने का कि अब इन सभी डॉक्टर, कर्मचारी-अधिकारियों को अपनी मूल पदस्थापना वाली जगह पर ही सेवाएं देनी होंगी.
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कलेक्टर ने आगे बताया कि सिस्टम में कर्मचारियों की उपस्थिति से जुड़ी व्यवस्था को एकीकृत किया जा रहा है. जिन कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से दर्ज होती है, तो उनके पदस्थापना आदेश से संबंधित नंबर को ऐप से लिंक किया जाएगा, ताकि वे निर्धारित स्थान पर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें. उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से इसके लिए सिस्टम में व्यवस्था की गई है.
जिला कलेक्टर की अटैचमेंट कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं अब उम्मीद लगाई जा रही है, कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में लंबे समय से प्रभावित हो रही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अब मजबूती मिलेगी. मरीजों को अपने ही इलाके में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके.
(रिपोर्टः रूपेश कुमार, बैतूल)