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सागर के बंडा जहरीली शराब कांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस मामले में पुलिस ने शिकंजा कसते हुए 8 नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में अब तक कुल 52 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है, जिनमें से 37 आरोपियों को पुलिस सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है.
सागर एसपी ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि नकली और जहरीली शराब बनाने के लिए खतरनाक थिनर सीधे दिल्ली से मंगाया गया था. इस औद्योगिक केमिकल और स्पिरिट का इस्तेमाल कर अवैध शराब तैयार की जाती थी. शातिर तस्कर अधिकृत (ऑथराइज्ड) शराब दुकानों की आड़ में इस अमानक शराब को आसानी से बाजार में खपाते थे, जिससे आम लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी.
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खुद की बनाई शराब से मौत
आगे बताया कि इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सरगना और अमानक शराब तैयार करने वाला खुद अपनी ही बनाई जहरीली शराब का शिकार हो गया था. शराब पीने से उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि सबसे पहले उसी की मौत हो गई. वहीं, उसके एक अन्य साथी ने इस जहरीली शराब के सेवन से अपनी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खो दी.
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मुख्य आरोपी अभी भी फरार
एसपी ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से शराब की खाली बोतलें, रैपर, नकली डाई और शराब सील करने वाली मशीनें समेत भारी मात्रा में अवैध निर्माण सामग्री जब्त की है. हालांकि, इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी मनीष लोधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है. पुलिस उसकी और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.