मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि चितरंगी थाना क्षेत्र में आठ साल की बच्ची को उसकी सौतेली मां ने उसके प्राइवेट पार्ट में गर्म चिमटा डाल दिया. बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने रात का खाना नहीं बनाया था. घटना के बाद से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह पिछले डेढ़ महीने से जिला अस्पताल में भर्ती है. बच्ची ने अपने पिता पर भी गलत काम करने का आरोप लगाया है. वहीं घटना के 10 दिन बाद पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. मामले में आरोपी सौतेली मां अभी फरार बताई जा रही है.
मामले का खुलासा तब हुआ, जब 23 अगस्त को महिला पुलिस बच्ची को बाल कल्याण समिति के सामने लेकर पहुंची. समिति के समक्ष बच्ची ने अपने साथ हुई हिंसा के बारे में बताया. बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आर.डी. पांडेय के मुताबिक, बच्ची ने बताया कि घर पर उसके साथ मारपीट की गई. खाना नहीं बनाने पर उसकी सौतेली मां ने प्राइवेट पार्ट में गर्म चिमटा डाल दिया. समिति की अध्यक्ष के अनुसार लड़की अभी जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है. पुलिस ने लड़की की सौतेली मां के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
आर.डी. पांडेय के मुताबिक लड़की ने बताया कि लगभग छह साल पहले जब वह दो साल की थी, तब उसकी मां का निधन हो गया था. चार साल पहले उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली. उसके पिता शराब पीने के आदी थे और उसकी सौतेली मां अक्सर उसे पीटती थी. उससे घर के सारे काम कराए जाते थे. बच्ची ने बताया कि एक दिन वह थक कर सो गई और रात का खाना नहीं बना पाई. उस शाम जब उसकी सौतेली मां काम से घर लौटी, तो वह बहुत गुस्से में आ गई. गुस्से में आकर उसने लोहे का एक चिमटा गर्म किया और बच्ची के निजी अंग में डाल दिया. बुरी तरह डरी हुई लड़की ने दो महीने तक किसी को कुछ नहीं बताया, वह लगातार दर्द से तड़पती और कराहती रही.
लड़की ने बताया कि 21 अगस्त की रात को उसकी सौतेली मां ने उसे पीटा था. डर के कारण वह घर से भाग गई और स्कूल के पास छिप गई. इसी बीच, उसे ढूंढ़ते हुए उसके बड़े पापा वहां आ गए. जिसके बाद बच्ची ने सारी बात उन्हें बताई. बच्ची के बड़े पापा उसे लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां से पुलिस उसे अस्पताल ले गई. लड़की ने आगे बताया कि तीन दिन बाद उसके पिता अस्पताल से उसे साथ लिया और घर ले गए. रास्ते में उन्होंने उसे चेतावनी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी को कुछ न बताए. बाल कल्याण समिति ने पुलिस को सूचना दी और जब 26 सितंबर को पुलिस उनके घर पहुंची, तो माता-पिता दोनों वहां से भाग गए. लड़की को वापस अस्पताल लाया गया. बच्ची ने बताया कि उसे दर्द हो रहा है और पेशाब करते समय खून आ रहा है.
इस मामले में नया मोड़ 9 सितंबर को आया, जब आरोपी पिता का शव जंगल में फांसी के फंदे पर लटका मिला. वहीं बच्ची की सौतेली मां अब तक फरार बताई जा रही है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. के अनुसार, मामले में बच्ची के दो अलग-अलग बयान सामने आए हैं. पहले बयान में दुष्कर्म का उल्लेख नहीं था, जबकि दूसरे बयान में पिता पर गंभीर आरोप लगाए गए. पुलिस के मुताबिक, विस्तृत मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि ने बताया कि बच्ची का इलाज किया जा रहा है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. उन्होंने बच्ची की स्थिति स्थिर बताई है. दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.