)
मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में नवनिर्मित डाकघर के लोकार्पण के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है. हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नए डाकघर का लोकार्पण किया था, लेकिन लोकार्पण पट्टिका से स्थानीय कांग्रेस विधायक का नाम गायब होने पर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय विधायक हरिबाबू राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यह मुद्दा वे विधानसभा में भी उठाएंगे. वहीं कांग्रेस ने भी इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है.
दरअसल, 17 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अशोकनगर में एक नए डाकघर का उद्घाटन किया था. लेकिन, स्थानीय कांग्रेस विधायक हरिबाबू राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि उद्घाटन पट्टिका पर न केवल उनका, बल्कि जिले के अन्य विधायकों और जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम भी शामिल नहीं किया गया था. इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए विधायक ने सीधे तौर पर अधिकारियों पर प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
विधायक हरिबाबू राय ने कहा कि, प्रधान डाकघर किसी एक विधानसभा का नहीं, बल्कि पूरे जिले का है. इसलिए, जिले के तीनों विधायकों और जिला पंचायत अध्यक्ष के नाम शिलापट पर होने चाहिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और नेताओं को नीचा दिखाने की जानबूझकर कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे.
कांग्रेस विधायक ने आगे बताया कि उन्होंने इस मामले के बारे में कलेक्टर को व्हाट्सएप के जरिए सूचित किया था. कलेक्टर ने जवाब दिया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस जवाब पर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई. दूसरी ओर, डाकघर प्रबंधन ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया और कहा कि यह पट्टिका गुना कार्यालय में तैयार की गई थी. अब कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने और विधानसभा अध्यक्ष के पास शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रही है. अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन और डाक विभाग इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण देते हैं.
डाकघर के उद्घाटन पट्टिका से स्थानीय विधायक का नाम नदारद होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस विधायक हरिबाबू राय ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान बताया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे. वहीं, प्रशासन और डाक विभाग के उदासीन रवैये ने आग में घी डालने का काम किया है. डाकघर प्रबंधन का यह दावा कि पट्टिका गुना में तैयार की गई थी, प्रशासनिक लापरवाही को छिपाने की कोशिश जान पड़ती है. फिलहाल, इस मामले ने राजनीतिक हंगामा खड़ा कर दिया है.