बंडा शराब कांड के बाद पुराने VIDEO ने फिर बढ़ाई टेंशन, सागर में अवैध शराब के कारोबार पर आखिर क्यों घिरा सिस्टम?
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब कांड के बाद पुराने सीसीटीवी फुटेज अब खूब वायरल हो रहे हैं. अदावन में अवैध शराब बिक्री की शिकायतों से लेकर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. वहीं आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
सागर जिले की बंडा तहसील में हुए जहरीली शराब कांड के बाद अब पुराने वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं. इन वीडियो से साफ पता चलता है कि इस इलाके में शराब माफिया सालों से अपना कब्जा जमा रखे हैं. बेखौफ होकर शराब तस्करी और अवैध बिक्री को अंजाम दे रहे हैं. हाल में हुई दिल दहला देने वाली घटना ने फिर सिस्टम, पुलिस और आबकारी विभाग को कटघरे में खड़ा किया है.
आबकारी महकमे और पुलिस गठजोड़ का अब बंडा शराब कांड के बाद पूरी तरह बेनकाब हो चुका है. गांव-गांव में अवैध और जहरीली शराब का कारोबार फल-फूल रहा है. सालभर से ज्यादा पुराना बंडा विधानसभा क्षेत्र की शाहगढ़ तहसील के बरायठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अदावन का मामला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां पुलिस-प्रशासन की नाकामी साफ नजर आई है. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सागर जिले के इस अवैध शराब के काले धंधे की खबर बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता जितेंद्र तक पहुंच चुकी है. वे भी मध्य प्रदेश पुलिस की इस नाकामी से स्तब्ध हो गए थे.
एसपी कार्यालय में की शिकायत
दरअसल, गांव अदावन निवासी बृजेश महाराज, जो अभिनेता जितेंद्र के पारिवारिक पुजारी हैं. उनकी पुत्री एकता कपूर की कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स की फिल्मों या सीरियलों के मुहूर्त की पूजा बृजेश महाराज ही संपन्न कराते हैं. इस खाकी-खादी के नापाक गठजोड़ का सीधा शिकार हुए हैं. बृजेश महाराज केवल जितेंद्र ही नहीं, बल्कि अनिल कपूर, चंकी पांडे, रानी मुखर्जी, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और साजिद जैसे बड़े सितारों के घर भी श्री गणेश व दुर्गा प्रतिमा स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं. साल में 8 से 10 महीने मुंबई में रहने वाले बृजेश महाराज को जब कुछ महीने पहले उनकी मां ने बताया कि उनके घर के ठीक बाजू में रहने वाली महिला लल्ला बाई लोधी और उसका परिवार खुलेआम अवैध शराब का अड्डा चला रहा है. तो उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाया. वे मुंबई से सागर आए और 31 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी के नाम आवेदन सौंपा.
बृजेश की मदद की कोशिश
इससे पहले वे बरायठा थाने में भी लिखित शिकायत कर चुके थे. लेकिन भ्रष्ट तंत्र और आबकारी विभाग की गहरी नींद का आलम यह रहा कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे शिकायतकर्ता बृजेश महाराज पर ही लल्ला बाई और उसके पति किशोरी लोधी की शह पर एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज करवा दिया गया. कानूनी दांव-पेच और पुलिसिया उत्पीड़न झेलकर जब बृजेश महाराज को बमुश्किल जमानत मिली. उसके बाद वे वापस मुंबई पहुंचे, तो उनकी परेशानी देख बॉलीवुड स्टार जितेंद्र ने इसका सबब पूछा. जब बृजेश ने बताया कि उनके गांव में घर के बगल में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, जिससे उनके बुजुर्ग माता-पिता का जीना दूभर हो गया है और पुलिस व आबकारी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है, तो अभिनेता जितेंद्र यह जानकर काफी दुखी हुए. उन्होंने बृजेश को ढांढस बंधाते हुए अपने राजनीतिक संपर्कों के जरिए मदद करने की कोशिश करने का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन इस बीच बंडा में यह भयानक शराब कांड घटित हो गया. बृजेश महाराज का साफ आरोप है कि इस अवैध शराब बिक्री में केवल संवेदनहीन पुलिस ही शामिल नहीं है, बल्कि सत्ताधारी बीजेपी के छुटभैया नेता तक इसमें गहराई से संलिप्त हैं.
पुलिस का ये कैसा तर्क?
सिस्टम के भ्रष्टाचार की हद तो तब पार हो गई, जब बृजेश महाराज ने अवैध शराब बिक्री के पुख्ता सबूत के तौर पर जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराए थे, वे फुटेज पुलिस महकमे के भीतर से ही शराब माफियाओं तक पहुंचा दिए गए. नतीजतन, बेखौफ शराब माफिया ने बृजेश के घर लगे सीसीटीवी कैमरे ही तोड़ डाले. जब भी बृजेश महाराज किसी आला पुलिस अफसर के पास शिकायत लेकर पहुंचे, तो पुलिस अधिकारी यह तर्क देकर पल्ला झाड़ते रहे कि उनका अभियान 'नशे से दूरी है जरूरी' केवल गांजा, ड्रग्स, नशीली दवाइयों और चरस के खिलाफ है और इसमें अवैध शराब पर कार्रवाई का कोई रोल नहीं है. पुलिस का यह अटपटा तर्क आबकारी और खाकी की मिलीभगत को साफ उजागर करता है. हताश और निराश बृजेश महाराज खुद को इस निकम्मी व्यवस्था का सबसे बड़ा शिकार मानते हैं. एक बार फिर वही सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से अवैध शराब की पेटियां दिन हो या रात, बेखौफ होकर उतारी जा रही हैं. और एक बार फिर सिस्टम से सवाल हो रहे हैं कि जब इस तरह की छूट माफिया तंत्र को मिलेगी, तो फिर जहरीली शराब से मौतें होना तो स्वाभाविक है.