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अलीराजपुर रिश्वत कांडः शिक्षा विभाग के DEO ने मांगे 1 लाख, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

अलीराजपुर में स्कूल की मान्यता रिन्युअल करवाने के नाम पर आउटसोर्स कर्मचारी पर एक लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है. 60 हजार रुपए रिश्वत मांगने का वीडियो भी वायरल हुआ है. इसके बाद स्कूल संचालक ने कलेक्टर से शिकायत की है.

Written By Manish Kushawah
Published: Nov 04, 2026, 10:30 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 10:35 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS CREATIVE
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मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां शिक्षा विभाग का एक आउटसोर्स कर्मचारी स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के नाम पर धड़ल्ले से रिश्वत मांग रहा था. पीड़ित स्कूल संचालक से 1 लाख रुपए की मांग की गई थी. जिसका 60,000 रुपए की रिश्वत मांगते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पीड़ित ने मंगलवार को जिला सुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर के समक्ष रिश्वतखोरी का यह वीडियो और सबूत पेश किए, जिसके बाद कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.

1 लाख रुपए की मांगी थी रिश्वत

मिली जानकारी के मुताबिक, अलीराजपुर एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल के संचालक पिछले दो सालों से अपने विद्यालय की 9वीं और 10वीं कक्षा की मान्यता के लिए शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे थे. आरोप है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार फाइल लटकाकर उन्हें परेशान किया जा रहा था. इसी का फायदा उठाते हुए विभाग में पदस्थ एक आउटसोर्स कर्मचारी ने मान्यता दिलवाने की एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की.

​कलेक्टर के सामने रखा गया वीडियो

परेशान होकर स्कूल संचालक ने रिश्वतखोर कर्मचारी की करतूत को कैमरे में कैद कर लिया. वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि कैसे आउटसोर्स कर्मचारी धड़ल्ले से 60,000 रुपये की मांग कर रहा है. पीड़ित ने जनसुनवाई के दौरान यह वीडियो सीधे जिला कलेक्टर को सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई और पूरी आपबीती सुनाई. मामले की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.

DEO की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

​इस पूरे मामले ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दीप सिखा आचार्य की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. बड़ा सवाल यह है कि जब शासन के नियमानुसार सरकारी एवं गोपनीय कार्य आउटसोर्स कर्मचारियों से नहीं कराए जा सकते, तो आखिर किस परिस्थिति और सांठगांठ के चलते जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एक आउटसोर्स कर्मचारी को बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली 'स्कूल मान्यता शाखा' का महत्वपूर्ण चार्ज सौंपा गया था?

दोषियों पर होगी कार्रवाई- कलेक्टर

वहीं जिला कलेक्टर नीतू माथुर का कहना है कि जनसुनवाई में एक आवेदन आया है, जिसमें एक स्कूल संचालक की तरफ से वीडियो में दिखाया गया था कि एक व्यक्ति रिश्वत मांग रहा है. वह आउटसोर्सिंग कर्मचारी बताया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हमने एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन कर दिया है. इसकी शिकायत हम गंभीरता से ले रहे हैं और जांच करा रहे हैं. इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.

(रिपोर्टः मनीष वानी, अलीराजपुर)
 

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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