राहुल का रिमाइंडर
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज के High Tea (जलपान) कार्यक्रम को लेकर जानकारी साझा की है.
SIR Row 'INDI' Block meeting: 13 अक्टूबर दिन मंगलवार की बड़ी खबरों की बात करें तो सोमवार को 'इंडिया' ब्लॉक के 'दिल्ली चलो' मार्च के बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद, दिल्ली पुलिस ने पांच जगह FIR दर्ज की है. कनॉट प्लेस और मंदिर मार्ग थाने में BNS की धारा 163 के उल्लंघन पर FIR हुई है.
10 अक्टूबर सीजेपी की प्रोटेस्ट कॉल के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है. अब 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा.
इससे पहले राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर को हुए पुलिस एक्शन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर की थी. दूसरी ओर SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए कांग्रेस के आक्रामक रुख पर बीजेपी ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कांग्रेस नेताओं को घेरा है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि जनादेश को स्वीकार करने के बजाए कांग्रेस समेत विपक्ष के तमाम नेता संवैधानिक संस्थाओं की साख को चोट पहुंचा रहे हैं.
इसी बीच नियम तोड़कर बात से मुकरने को लेकर दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है. दोनों मंगलवार को अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे.
राहुल गांधी ने आज अपने घर पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को हाई-टी यानी ‘जलपान’ पर आमंत्रित किया है. इस महाजुटान में विपक्षी दलों के सांसदों के अलावा सिविल सोसाइटी और तमाम छात्र संगठनों को भी न्योता गया था.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के 11 नेताओं द्वारा भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट की ओर से 13 अक्टूबर के लिए जारी सप्लीमेंट्री लिस्ट में राहुल गांधी की याचिका शामिल नहीं हुई है. चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 14 कमियां पाई हैं. जिनके दूर करने के बाद ही मामला सुनवाई के लिए लिस्ट होगा. ये याचिका अकेले राहुल गांधी की नहीं, बल्कि विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक के 11 बड़े नेताओं की ओर से दायर हुई थी.
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) ने साफ किया है कि इंडिया अलायंस के विरोध मार्च से बार एसोसिएशन का कोई लेना-देना नहीं है. बार एसोसिएशिन के वाइस प्रेसिडेंट सचिन पुरी ने ये बयान दिया है.
दिल्ली की JNU यूनिवर्सिटी में छात्राओं से यौन शोषण मामले को लेकर इंसाफ की मांग ने तूल पकड़ लिया है. इस केस में कांग्रेस सांसद बिमोल पर यौन शोषण करने का आरोप है. इसलिए बीजेपी की महिला सांसद राष्ट्रपति से मुलाकात करके कांग्रेस सांसद पर कार्रवाई की मांग करेंगी. बीजेपी नेताओं ने पार्टी के सांसद के यौन शोषण जैसे गंभीर मामले में फंसने के बाद राहुल गांधी, खरगे और कांग्रेस प्रवक्ताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज के High Tea (जलपान) कार्यक्रम को लेकर जानकारी साझा की है.
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर देश की संस्थाओं पर सवाल उठाकर भारत की छवि खराब करने के लिए विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. शायना एनसी ने कहा, 'केरल कांग्रेस ने पोस्ट किया था कि आपको सीजेआई को हटाना चाहिए और फिर उस पोस्ट को डिलीट कर दिया. मुझे लगता है कि इस पर सफाई की जरूरत है. क्योंकि इस तरह के भड़काऊ बयान से पता चलता है कि विदेशी ताकतें कांग्रेस पार्टी पर असर डाल रही हैं ताकि भारत को अस्थिर किया जा सके.'
Delhi CJP Protest: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न और उनके साथ बदसलूकी के मामले में सफाई देने के लिए दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अफसर को कल 14 अक्टूबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट को इन आरोपों की जानकारी है और उसने पहले ही कोर्ट में मौजूद दिल्ली पुलिस के अफसरों से इस केस की जांच करने को कहा था.
पटना में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लेफ्ट पार्टियों की विंग AISA ने प्रदर्शन किया है. सैकड़ों की तादाद में छात्रों ने पुलिस के इंतजामों को धता बताते हुए सीईसी के खिलाफ हल्लाबोल कर दिया है. पुलिस छात्रों को समझाने और पीछे धकेलने की कोशिश कर रही है. छात्र बैरिकेड्स के ऊपर चढ़कर आगे बढ़ रहे हैं.
कुछ वकीलों के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर साफ किया है कि परसों यानी 15 अक्टुबर को 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाएं, वकीलों को हिरासत में लेने के खिलाफ दायर याचिकाओं, विपक्षी नेताओं को नजरबंद करने के खिलाफ दायर याचिकाओं, मेट्रो और रेल सेवा के साथ इंटरनेट सेवा बाधित करने के खिलाफ दायर याचिकाओं और केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस और मेट्रो चेयरपर्सन के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई करेगा.
वकीलों के एक समूह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. यह याचिका सोमवार की शाम सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुई कुछ 'घटनाओं' को लेकर है. ये घटनाक्रम उस समय सामने आया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ दायर की गई अपनी याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए आए थे. बीजेपी के नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने CJI सूर्यकांत के नेतृत्व वाली बेंच के सामने इस याचिका का जिक्र किया है. कोर्ट इस मामले को परसों, 15 अक्टूबर के लिए लिस्ट करने पर सहमत हो गया है.
राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि से जुड़े मामले पर सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाई है. शीर्ष कोर्ट के हालिया आदेश से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है.
10 अक्टूबर को CJP की प्रोटेस्ट कॉल के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. अब परसों यानी 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा.
लोकसभा में नेता विपक्ष के खिलाफ एक याचिका लगाई गई है. उस याचिका में मार्च के दौरान राहुल पर हंगामा करने के आरोप लगे हैं.
राहुल गांधी ने SC में नई याचिका दाखिल की है. लोसकभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुलिस एक्शन के खिलाफ नई याचिका दायर की है. उन्होंने 10 अक्टूबर को पुलिस एक्शन के खिलाफ याचिका लगाई है.
दिल्ली में 10 अक्टूबर को जब सीजेपी के प्रोटेस्ट की कॉल थी उस समय कुछ वकीलों ने भी जंतर-मंतर पर जाने की कोशिश करते हुए नारेबाजी की थी. उस घटनाक्रम के बाद कुछ वकीलों ने आज एक और विरोध मार्च का आह्वान किया था. जिसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के वाइस प्रेसिडेंट, एडवोकेट सचिन पुरी ने कहा, 'जो विरोध प्रदर्शन बुलाया गया है, लेकिन इस आयोजन दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन इस मार्च से नहीं जुड़ा है और न ही इसका समर्थन करता है. इसे कुछ वकीलों ने बुलाया है, न कि बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने.' उन्होंने ये भी कहा कि यह दुखद है कि कुछ राजनीतिक पार्टियां अपने निजी मकसद के लिए CJI के इस्तीफे की मांग कर रही हैं. दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, भारत के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ किसी भी राजनीतिक पार्टी की ऐसी किसी भी मांग का पूरी तरह से विरोध करता है.'
दिल्ली पुलिस ने नियम तोड़ने पर सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया है. दोनों अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे. आपको बताते चलें कि सीजेपी सुप्रीमो अभिजीत दीपके समेत दास और रांका तीनों को मजिस्ट्रेट कोर्ट से सशर्त जमानत मिली थी कि साल भर तक शांति को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि या आयोजन का हिस्सा नहीं बनेंगे. पुलिस की हिरासत से छूटते ही सीजेपी नेताओं ने पोस्ट किया था- 'कॉकरोच कभी मरते नहीं'. इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जब सीजेपी के लोग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे तब भी कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अकाउंट ब्लॉक होने पर कहा था- ‘कॉकरोच कभी मरते नहीं.
12 अक्टूबर को हुए इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने 5 जगहों पर FIR दर्ज की हैं. BNS की धारा 163 के उल्लंघन पर FIR हुई है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च और लोकतंत्र बचाओ प्रदर्शन में कानून का उल्लंघन होने पर प्रशासन ने बाराखम्बा पुलिस स्टेशन और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है. इस मामले की जांच जारी है.
आपको बताते चलें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहले भी निर्वाचन आयोग पर कथित 'वोट चोरी' और पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं. बीते सात दिनों से वो इस मामले में बेहद आक्रामक रुख अपना चुके हैं. सोशल मीडिया से सड़क तक आवाज उठाने के बाद राहुल गांधी अब विपक्ष को साथ लेकर कानूनी लड़ाई के जरिये सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे इस मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं को जो न्योता भेजा है उसमें लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट तक लोकतंत्र बचाओ मार्च और एससी में याचिका सौंपने के बाद, मंगलवार की दोपहर इंडिया ब्लॉक के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इसके बाद चाय का कार्यक्रम होगा. मैं आपको मंगलवार, 13 अक्तूबर को शाम 4 बजे, 5, सुनहरी बाग रोड, नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आने के लिए आमंत्रित करता हूं.
चाय पर चर्चा के दौरान इंडिया ब्लॉक के साथ आगे की रणनीति पर मंथन करेंगे. आपको बताते चलें कि सोमवार के सुप्रीम कोर्ट तक के मार्च में शामिल होने के लिए कांग्रेस पार्टी के नेता देशभर से पहुंचे थे. वहीं अन्य विपक्षी दलों के नेता जैसे तेजस्वी यादव, एम ए बेबी, ममता बनर्जी अपने-अपने राज्यों से आए थे.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि जब तक सभी पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो जाते, तब तक पुराने मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव कराए जाने चाहिए. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बीच उन्होंने यह मांग उठाई. पत्रकारों से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा, मेरा मानना है कि कानूनी रूप से पात्र मतदाताओं के नाम सूची में होने चाहिए. जब तक उनके नाम सूची में शामिल नहीं हो जाते, तब तक हमारा मानना है कि चुनाव पुरानी सूची के आधार पर कराए जाने चाहिए.
इंडिया ब्लॉक के 11 नेताओं ने सोमवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए जो याचिका लगाई थी, उस पर आज सुनवाई नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के मुताबिक, याचिका में कई तकनीकी और दस्तावेजी खामियां हैं. इनमें लोगों को नाम से प्रतिवादी बनाना, पुराने फैसले की कॉपी न लगाना और 9 याचिकाकर्ताओं का वकालतनामा न होना शामिल है. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की धुंधली कॉपी दी गई है और कोर्ट को 220 रुपए कोर्ट फीस कम मिली है. रजिस्ट्री ने साफ कहा है कि धुंधले दस्तावेज और बाकी कमियों को ठीक करने के बाद ही केस को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, हाई टी पर मिलने से पहले से पहले विपक्षी गठबंधन के नेता मिलकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी संबोधित करेंगे. बताते चलें कि मंगलवार दोपहर की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 'हाई टी' का आयोजन होगा, जहां हल्के-फुल्के जलपान के साथ आगे की रणनीति को धार दी जाएगी. इंडिया ब्लॉक का जुटान शाम 4 बजे 5, सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के आवास पर होगा.
‘वोट चोरी’ रोकने के नाम पर देश भर में SIR को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ को निकालने के बाद विपक्ष ने अपनी अगली रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों को चाय-जलपान के लिए बुलाया है. बताते चलें कि राहुल गांधी ने कहा था कि चाहे, कितने दिन लगें, महीने लगें या साल लग जाएं वो ये मुद्दा छोड़ेंगे नहीं.