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नेपाल त्रासदी में 10 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ती रही महिला, डॉक्टर ने बताया कितने दिन बिना खाए जिंदा रह सकता है इंसान

फोर्टिस अस्पताल फरीदाबाद न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत बंगा ने बातचीत में बताया है कि जब शरीर को खाना या पानी नहीं मिलता है. बॉडी पावर सेविंग मोड में चली जाती है. शरीर केवल इतनी एनर्जी का इस्तेमाल करता है ताकि दिल, दिमाग और फेफड़ों के लिए एनर्जी मौजूद रहे.

Written By Shilpa Singh
Published: Sep 05, 2026, 11:47 PM IST | Updated: Sep 05, 2026, 11:57 PM IST
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नेपाल त्रासदी के नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे के अंदर से आवाज आती है. जिसके बाद महिला को घर के अंदर मलबे से निकाला जाता है. बाढ़ के लगभग 10 दिन बाद महिला को घर से जिंदा बाहर निकाला गया.आइए जानते हैं आखिर कितने दिन तक इंसान 10 से 11 दिन तक बिना खाएं जिंदा रह सकते हैं. जब शरीर को खाना या पानी नहीं मिलता है तो शरीर कैसे काम करता है. फोर्टिस अस्पताल फरीदाबाद न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत बंगा से जानते हैं लोग बिना खाए 10 दिनों तक कैसे जिंदा रहते हैं.

जब शरीर में खाना और पानी नहीं जाता है तो शरीर को एनर्जी कहा से मिलती है. डॉक्टर के अनुसार जब शरीर में खाना-पानी नहीं जाता है तो शरीर पावर सेविंग मोड में चली जाती है. इस दौरान शरीर एनर्जी बचाने का काम करता है. शरीर में उतनी ही एनर्जी मौजूद दिमाग और फेफड़ों  के लिए एनर्जी मौजूद रहती है.

मलबे में फंसा इंसान कब तक जिंदा रह सकता है


मलबे में फंसने के बाद इंसान का जिंदा रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है. अगर मलबे में इंसान को ऑक्सीजन और हवा मिल जाती है तो इंसान के जिंदा रहने के चांस हो जाते हैं. मलबे में नमी रहती है तो शरीर डिहाइड्रेट नहीं होता है. ऐसे में इंसान बिना खाएं और पानी पिए कई दिनों तक जिंदा रह सकता है. इसके अलावा इंसान की इम्यूनिटी पर भी निर्भर करता है.

24 घंटे बाद होती है ज्यादा दिक्कत 


शुरुआती 24 घंटे में शरीर को एनर्जी बचाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है. लिवर और मांसपेशियों में जमा ग्लूकोज से शरीर को एनर्जी मिलती है. इसे ग्लाइकोजन कहते हैं. शरीर में मौजूद ग्लाइकोजन से शरीर को एनर्जी मिलती है. डॉक्टर विनीत बंगा के अनुसार जब लिवर पर जमा ग्लाइकोजन खत्म हो जाता है जो शरीर एनर्जी के लिए शरीर के फैट को पिघलाना शुरू कर देता है. फैट से मिलने वाली एनर्जी को कीटोन्स बोलते हैं.

तेजी से वजन होता है कम 


लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के मांसपेशियां टूटकर कमजोर हो जाती है. ऐसे में शरीर को फैट से एनर्जी नहीं मिल पाती है. इसके बाद शरीर प्रोटीन तोड़ना शुरू कर देता है. जब ऐसा होता है तो वजन तेजी से कम होने लगता है. डॉक्टर के अनुसार एक स्वस्थ इंसान बिना खाएं और पानी 3 से 8 हफ्ते तक जिंदा रह सकता है. लेकिन बाढ़ और मलबे में फंसे रहने पर लंबे समय तक जिंदा रहना काफी मुश्किल होता है. कई बार शरीर मलबे में दबा होता है जिस वजह से सांस लेने में दिक्कत आती है. जिससे इंसान मदद पहुंचने से पहले अपनी सांस छोड़ देते हैं.

(Disclaimer प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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About the Author

मैं शिल्पा सिंह, पिछले 6 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं. मैं 4 साल से ज़ी न्यूज़ हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. ज़ी न्यूज़ में मैं एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम कर रही हूं. मैंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज़ डिजिटल से की थी. इसके बाद वन इंडिया डिजिटल और जागरण न्यू मीडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी काम किया है. इस दौरान मैंने एंटरटेनमेंट बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरी, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की है. मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. मेरा उद्देश्य किसी भी बीट पर काम करते हुए पाठकों तक सही, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी देना है.
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