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झारखंड में नहीं थम रहा 'गजराजों' की मौत का सिलसिला, पश्चिमी सिंहभूम में फिर मिला हाथी का शव

पश्चिमी सिंहभूम में एक बार फिर से हाथी का शव मिला है. ग्रामीणों ने करंट लगने की आशंका जताई है. शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.

झारखंड में नहीं थम रहा 'गजराजों' की मौत का सिलसिला, पश्चिमी सिंहभूम में फिर मिला हाथी का शव
Image Credit: पश्चिमी सिंहभूम में फिर मिला हाथी का शव (AI IMAGE)

झारखंड में हाथियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. ताजा मामला पश्चिमी सिंहभूम के टंकुरा का है. यहां बुधवार (4 नवंबर) सुबह एक खेत में हाथी का शव मिला. पिछले दो महीनों में राज्य के अलग-अलग वन क्षेत्रों में हाथियों की मौत की चार घटनाएं सामने आ चुकी हैं. पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा ओपी क्षेत्र के टंकुरा बस्ती स्थित बुरमा टोली के पास बुधवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में एक हाथी का शव देखा. इससे पहले मंगलवार शाम करीब 20 हाथियों का झुंड गांव की सीमा में पहुंच गया था. ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने वन विभाग को सूचना दी और मदद मांगी. लेकिन कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची.

करंट लगने की आशंका

इसके बाद ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला. वे पूरी रात जागकर हाथियों के झुंड को गांव से दूर भगाने में जुटे रहे. सुबह उन्हें खेत में एक हाथी मृत मिला. मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. ग्रामीणों ने करंट लगने की आशंका जताई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा. ग्रामीणों ने वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

जंगल में मृत मिला हाथी

इससे पहले 28 अक्टूबर को लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के बिशुनपुर जंगल में एक हाथी मृत मिला था. बुधवार शाम शव मिलने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अगले दिन रेंजर नंदकुमार महतो के नेतृत्व में अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम ने जांच की. रेंजर ने हाथियों के आपसी संघर्ष में मौत की आशंका जताई.

हाथी के दोनों दांत थे गायब

अक्टूबर की शुरुआत में पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर क्षेत्र के भांगांव में भी एक मादा हाथी मृत मिली थी. ग्रामीणों ने देखा कि उसके दोनों दांत गायब थे. इससे हाथी दांत की तस्करी के लिए शिकार किए जाने की आशंका जताई गई. वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी. इस इलाके में पिछले एक साल के दौरान सात हाथियों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं.

खतरनाक तरीके अपना रहे लोग

इससे पहले सात सितंबर को लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के कोमर गांव में बिजली के तार की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो गई थी. करीब 15 हाथियों का झुंड गांव के पास खेतों की ओर पहुंचा था. इसी दौरान एक हाथी फसल और घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गया. उसकी मौके पर ही मौत हो गई. झारखंड में जंगलों से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही बढ़ रही है. फसल और घर बचाने के लिए लोग खतरनाक तरीके अपना रहे हैं.

-आईएएनएस

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Ranjana Kumari

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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