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झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की हजारीबाग के परिसदन में पहुंचीं. वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने और हजारीबाग में अलग-अलग जगहों पर मत्स्य विभाग के किए जा रहे बेहतरीन कामों का निरीक्षण करने आई थीं. परिसदन भवन में कृषि मंत्री ने कई मुद्दों पर बात करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने हजारीबाग में मत्स्य विभाग के किए जा रहे सराहनीय कामों का जिक्र करते हुए अपनी बात शुरू की और बताया कि इन कामों की हर तरफ तारीफ हो रही है.
हजारीबाग की सड़कों के बारे में उन्होंने कहा कि वे बहुत खराब हालत में हैं. वहां के सांसद और विधायक सभी बीजेपी से हैं और उन्हें कार्य करने की जरूरत है. हजारीबाग की जनता ने ही उन्हें विधानसभा और लोकसभा के लिए चुना है और झारखंड के मुद्दों को केंद्र सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है. JSSC और JPSC से जुड़ी गड़बड़ियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार जल्द ही इस मामले को सुलझा लेगी. CID बहुत गंभीरता से मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, छात्रों को जल्द ही न्याय मिलेगा.
परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि झारखंड में परिसीमन के कारण आरक्षित सीटों पर कोई असर न पड़े, क्योंकि आदिवासी और जनजातीय की संख्या काफी घटी है. इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को परिसीमन करना चाहिए. जिस तरह से 30 अगस्त को रांची के मोराबादी मैदान में माननीय बंधु तिर्की ने आदिवासी सम्मेलन आयोजित किया था, वहां से उठी बुलंद आवाज केंद्र सरकार तक पहुंच गई है. साथ ही, कोल बिल के संबंध में कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बहुत गलत काम कर रही है, जिससे झारखंड सरकार को कोई फायदा नहीं होगा. झारखंड एक पिछड़ा राज्य है, एक तरफ 'मैया सम्मान योजना' और कई अन्य योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इस कदम से उन पर रोक लग जाएगी. केंद्र सरकार को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है.
रिपोर्ट: यादवेंद्र मुन्नू