निशा भगत सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई, थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय समेत तीन पर FIR दर्ज
निशा भगत सुसाइड मामले पिठोरिया थाने में थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय समेत तीन पर FIR दर्ज किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, डीएसपी को जांच की कमान सौंपी गई है.
रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में बहुचर्चित आदिवासी नेत्री निशा भगत की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. पुलिस ने मृतका के पिता आनंदु भगत के लिखित बयान के आधार पर पिठोरिया थाने में औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. दो नामजद आरोपियों और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसमें पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश पाण्डेय, अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा का नाम शामिल है, जिनपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
निशा भगत के पिता ने दर्ज कराया FIR
पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. निशा भगत के पिता आनंदु भगत ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी को लगातार झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा था और सोशल मीडिया के माध्यम से उसका चरित्र हनन किया गया, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में थी.
किया जाता था मानसिक रूप से प्रताड़ित
पिता ने आरोप लगाया है कि जब भी निशा घर से बाहर निकलती थीं, तो रास्ते में उन्हें रोककर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. उन्होंने अपनी बेटी की मौत को किसी सामान्य आत्महत्या के रूप में देखने से साफ इनकार किया है और इसे एक गहरी और सुनियोजित साजिश करार दिया है, जिसके पीछे कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है.
त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग
घटना की गंभीरता और मामले की सुई पुलिस अधिकारियों की ओर घूमने के बाद, झारखंड पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए इसकी जांच का जिम्मा डीएसपी अमर कुमार पांडे को सौंपा है. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच टीम ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं, डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया पर वायरल हुए लाइव वीडियो और अन्य तथ्यों की गहराई से छानबीन की जा रही है. इस घटना के बाद से निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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