एक बार फिर बढ़ी झारखंड SIR की आखिरी तारीख: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 30 नवंबर को होगा
Jharkhand SIR: एक बार फिर झारखंड SIR की तारीख बढ़ गई है. अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर को किया जाएगा. पहले और दूसरे नोटिस का निपटारा 22 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा.
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की तारीख तीसरी बार बढ़ाई गई है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 30 नवंबर को किया जाएगा, जो 19 अक्टूबर को जारी की जाने वाली थी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. पहले और दूसरे नोटिस का निपटारा 22 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. डोर-टू-डोर सत्यापन और अन्य संबंधित मामलों का निपटारा 31 अक्टूबर तक किया जाएगा. साथ ही, प्रक्रिया से छूट गए योग्य नागरिकों का 'होम टू रोल' (Home to Roll) सत्यापन 1 से 12 नवंबर के बीच होगा.
SIR की प्रक्रिया पर बवाल
झारखंड में एक तरफ SIR की प्रक्रिया चल रही है. वहीं, दूसरी तरफ एसआईआर पर सियासी तकरार भी देखने को मिल रहा है. विपक्ष SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है और SIR को रद्द करने की मांग पर अड़ा है. कांग्रेस प्रवक्ता कमल ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने संविधान बचाने का जिम्मा उठाया है, उससे हम पीछे नहीं हटने वाले हैं. SIR हर हाल में रद्द होना चाहिए. देश में 13 करोड़ लोगों का नाम कटेगा, तो कहीं न कहीं सवाल तो है. SIR रद्द करना, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और बैलेट से चुनाव तीनों मांग जब तक पूरा नहीं करवा लेंगे तब तक पूरे देश में आंदोलन जारी रहेगा.
'दिल्ली में केंद्र सरकार डरी हुई है'
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि लड़ाई आर पार की होगी. इंडिया गठबन्धन की ताकत भी देख रहे होंगे और आज दिल्ली में केंद्र सरकार डरी हुई है, सहमी हुई है. लगातार विपक्षी नेताओं पर केस और लाठी चार्ज किया जा रहा है. केंद्र सरकार अब हताशा में है और ये लड़ाई अब अंजाम तक पहुंचेगी, पूरे देश में झारखंड से दिल्ली तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक आक्रोश और उबाल है. SIR रद्द होना चाहिए और ज्ञानेश कुमार अविलंब हटाए जाएं.
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि तू हां कर या ना कर एसआईआर तो रद्द नहीं होने वाला है. इससे पहले भी कई SIR हुआ है. जो लोग बताते हैं, 13 करोड़ मतदाता को हटा दिया गया है, ये झूठा फीगर है. 6 करोड़ ऐसे हैं, जो शिफ्ट कर गए हैं. तीन करोड़ ऐसे है, जिनका कोई पता-ठिकाना नहीं चला. चुनाव आयोग ने कहा है कि अभियान चला कर पता करेंगे और वैद्य वोटर को जोड़ने की कोशिश करेंगे. SIR क्यों नहीं होगा, क्या ये बंग्लादेशी, रोहिंग्या और अफगानी लोगों के पक्ष में खड़े हैं. चुनाव आयोग संविधान से मिली शक्तियों के तहत काम कर रहा है.
रिपोर्ट: धीरज ठाकुर