अधिकारियों का हैंगओवर खत्म: झारखंड के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने मांगा 26 सालों से जब्त शराब का हिसाब, सारा नशा उतर गया
झारखंड में वर्षों से कई मामलों में जब्त कर मालखानों में रखी शराब अब संबंधित अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है. विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य गठन से लेकर अबतक की कार्रवाई के दौरान जब्त की गई शराब का जिलेवार ब्यौरा तलब किया है.
शराब जितनी पुरानी हो, उसका नशा उतना ही जबरदस्त होता है...ये कहावात बहुत फेसम है, लेकिन झारखंड में वर्षों से जब्त की गई पुरानी शराब अब संबंधित अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है! जी हां, ये हम नहीं कर रहे हैं. ऐसा राज्य के विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बयान से मामूल पड़ता है. दरअसल, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य गठन से लेकर अबतक की कार्रवाई के दौरान जब्त हुई शराब का जिलेवार ब्यौरा मांगा है.
मंत्री योगेंद्र प्रसाद के निर्देश के बाद अब यह जानकारी जुटाई जा रही है कि अलग-अलग मामलों में कितनी शराब जब्त हुई, वर्तमान में वह कहां और किस स्थिति में रखी है और उसका क्या निस्तारण किया गया? लंबे समय से मालखानों में रखी जब्त शराब के रिकॉर्ड और उसके निस्तारण की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी. ऐसे में वर्षों से जब्त शराब के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो सकती है.
झारखंड में जब्त अवैध शराब को लेकर अब उत्पाद विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. वर्षों से पुलिस और आबकारी विभाग के मालखानों में पड़ी जब्त शराब का पूरा रिकॉर्ड अब डिजिटल और व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाएगा.
आबकारी विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने राज्य के सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखकर जब्त अवैध शराब का पूरा हिसाब मांगा है. किस जिले के किस थाना क्षेत्र में, किस तारीख को, किस कांड संख्या के तहत कितनी शराब जब्त की गई, इसकी पूरी जानकारी विभाग ने एक निश्चित समयावधि के भीतर मांगी है. इस पूरी प्रक्रिया के जरिए अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, नकली और अवैध शराब से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और आबकारी राजस्व की चोरी रोकने की दिशा में काम किया जाएगा.
इन प्वॉइंट में जानिए आबकारी विभाग मंत्री का बयान
1. 26 वर्षों से मालखानों में बंद शराब के जखीरे का होगा हिसाब-किताब
2. विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सभी जिलों के एसपी से जब्त शराब का मांगा ब्यौरा
3. वर्षों से कई कांडों में जब्त शराब अब अधिकारियों के लिए बन सकती है मुसीबत
4. 'चोर बाजार से जब्त शराब कहीं किसी के गले तो नहीं उतर रही, होगा रिव्यू'
5. मालखाने की क्षमता सीमित, विनष्टीकरण के लिए विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की
रिपोर्ट: कामरान जलीली