Jharkhand Weather: झारखंड में भारी बारिश के पीछे क्या है मुख्य वजह? मौसम विभाग ने 'अर्नब' तूफान को लेकर भी दी बड़ी जानकारी
Jharkhand Weather: झारखंड में हो रही बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अपडेट दिया है. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में बारिश अर्नब तूफान के कारण नहीं, बल्कि डीप सर्कुलेशन के कारण हुई है.
झारखंड में राजधानी रांची सहित राज्य भर में मौसम के बदले मिजाज की वजह तूफान मानी जा रही थी. कहां जा रहा था कि पूरा राज्य अर्नब तूफान की चपेट में आ गया है. लेकिन मौसम विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि झारखंड में जो बारिश हुई उसकी वजह कोई तूफान नहीं बल्कि डीप सरकुलेशन था, जो साइक्लोन के एक स्टेज नीचे होता है. उन्होंने कहा कि डिप्रेशन का कोई नाम नहीं होता है. अगला जो तूफान होगा भले ही उसका नाम अर्नब पड़े.
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने साफ किया कि मीडिया में 'अर्नब' नाम के तूफान के बारे में चल रही खबरें गलत हैं, क्योंकि कोई चक्रवात नहीं बना है. इसलिए तूफान के नाम का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने अनुमान लगाया कि आज शाम से मौसम साफ हो जाएगा. हालांकि, राज्य के पश्चिमी हिस्सों- खासकर पलामू, लोहरदगा, गढ़वा, डाल्टनगंज, चतरा और लातेहार इलाकों में आज भी अच्छी-खासी बारिश होती रहेगी.
नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा
बता दें कि लगातार हो रही बारिश के चलते झारखंड की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. रांची के नामकुम इलाके में स्वर्णरेखा नदी भी उफान पर है. नामकुम रेलवे क्रॉसिंग के पास नदी का पानी पुलों के ऊपर से बह रहा है, जिसके कारण इस रास्ते से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. स्थानीय लोगों को महज 300 मीटर की दूरी तय करने के लिए करीब 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है. नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
पानी और ढलान पर स्टंट कर रहे बच्चे
वहीं, पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद कोडरमा जिले की नदियों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. मरकच्चो प्रखंड स्थित पंचखेरो जलाशय में भी पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. जलाशय में ओवरफ्लो के कारण एक तरफ से दूसरी तरफ तेज धार में पानी बह रहा है. ऐसे खतरनाक हालात के बीच बच्चे यहां पहुंचकर बहते पानी और ढलान पर स्टंट कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है.
1 ही परिवार के 8 लोगों की हुई थी मौत
पंचखेरो डैम को पिकनिक और पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है. बारिश के मौसम में यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. लेकिन वर्तमान स्थिति में तेज बहाव और फिसलन के कारण यहां जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है. ढलान पर पैर फिसलने से कोई बच्चा सीधे जलाशय में गिर सकता है. ऐसे में सवाल है कि हादसा होने के बाद जिम्मेदारी कौन लेगा? पंचखेरो जलाशय का दर्दनाक इतिहास भी लोगों को सावधान करने के लिए काफी है. जुलाई 2022 में नाव पलटने की घटना में इसी डैम में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई थी. इसके बावजूद वर्तमान में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्कता नजर नहीं आ रही है.
जमशेदपुर में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित
पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. लगातार वर्षा के कारण शहर की प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकाई खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कई इलाकों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है और लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की नौबत आ गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है.
बाढ़ और बारिश को लेकर हाई अलर्ट
मानगो, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर समेत नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है. संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है. लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है. फिलहाल, पूरे जिले में बाढ़ और बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी है.