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झारखंड में H1N1 स्वाइन फ्लू का कहर बढ़ता जा रहा है. राजधानी रांची में दो नए मरीज मिलने के बाद प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 41 हो गई है. इनमें से अधिकांश मामले रांची (लगभग 38) और कुछ जमशेदपुर (MGM) से सामने आए हैं. खास बात यह है कि संक्रमित मरीजों में लगभग 20 बच्चे और किशोर शामिल हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है. सभी जिलों के सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सभी जिलों के सदर अस्पतालों में 10-10 बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित करने को कहा गया है. इसके अलावा उन्होंने अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, दवाएं और जांच किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
बच्चे और बुजुर्ग बरतें विशेष सावधानी
जानकारी के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के बढ़ते संक्रमण का असर रिम्स में भी देखने को मिल रहा है. अस्पताल की ओपीडी और टीबी एंड चेस्ट विभाग के बाहर कई मरीज और उनके परिजन मास्क लगाकर पहुंच रहे हैं. बच्चों और बुजुर्गों को लेकर भी परिजन विशेष सावधानी बरत रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, H1N1 एक श्वसन संबंधी संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. इसके अलावा, पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
इस बीमारी के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या फिर बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही हो, तो उसे तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच करा लेनी चाहिए.