झारखंड BJP के संगठन महामंत्री पवन साय ने संभाला कार्यभार, सेट किया 2029 का लक्ष्य
झारखंड आते ही पवन साय ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2029 का टारगेट सौंपते हुए कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी, यह विश्वास सबके दिल में होनी चाहिए और इसी भाव से काम करना है. चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए काम करना है.
झारखंड बीजेपी के नए संगठन महामंत्री पवन साय ने अपना कार्यभार संभाल लिया है. वह शुक्रवार (2 अक्टूबर) की शाम को रांची पहुंचे, जहां पार्टी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत तमाम बड़े नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. पवन साय ने रांची पहुंचते ही प्रदेश स्तरीय नेतृत्व को 2029 का टारगेट सौंप दिया. उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए काम करना है. साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2029 चुनाव को ध्यान में रखते हुए जोरदार नारा लगवाया कि हमरे जितब (हम जीतेंगे). उन्होंने कहा कि झारखंड़ और छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ समानताएं हैं.
आते ही कार्यकर्ताओं को टारगेट सौंपा
कार्यकर्ताओं में उत्साह जताते हुए पवन साय ने कहा कि हम सब को संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम करना है. कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है कि आज पूरे देश में भाजपा का संगठन एक नंबर पर है. हम सब मिलकर अच्छा उद्देश्य लेकर संगठन को मजबूत करते हुए आगामी चुनाव में भाजपा की सरकार बनेगी, यह विश्वास सबके दिल में होनी चाहिए, इसी भाव से काम करना है.उन्होंने कहा कि झारखंड़ भोलेबाबा की धरती है, उनका आशीर्वाद तथा आप सबको साथ लेकर हम सब काम करेंगे, यह विश्वास आप सबको दिलाते हैं.
प्रदेश अध्यक्ष ने जमकर तारीफ
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इनको संगठन में काम करने का एक लंबा अनुभव है. नि:संदेह उनके अनुभव का लाभ झारखंड़ भाजपा को मिलेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड की दशा और दिशा बदलने हेतु इनका मार्गदर्शन मिलेगा और झारखंड हित में इनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ेंगे.
बता दें कि पवन साय इससे पहले छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी उठा रहे थे. वहीं, झारखंड की जिम्मेदारी कर्मवीर सिंह के पास थी. अब कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ भेज दिया गया है और पवन साय झारखंड आ गए हैं. संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है.
झारखंड में कमल खिलाने की जिम्मेदारी
पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में उन्हें महारथ हासिल है. अब उनके कंधों पर प्रदेश में फिर से कमल खिलाने की बड़ी जिम्मेदारी है. पवन साय ने भी झारखंड में आते ही स्थानीय नेताओं को टारगेट सौंप दिया है.