SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

झारखंड की सरकार एक आदिवासी बेटी को सुरक्षा नहीं दे पाई और प्रियंका गांधी की आवाज तक नहीं निकल रही: गिरिराज सिंह

हेमंत सोरेन सरकार पहले छात्र आंदोलन के चलते विवादों में रही और अब बीजेपी को बैठे बिठाए निशा भगत की मौत के रूप में बड़ा मुद्दा मिल गया है. हेमंत सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की सख्ती से जांच करवाए और दूध का दूध और पानी का पानी कर दे.

Edited By Sunil Mishra
Published: Nov 07, 2026, 02:07 PM IST | Updated: Nov 07, 2026, 02:24 PM IST
Image Credit: निशा भगत की मौत के बाद हेमंत सरकार पर उन्हें सुरक्षा न देने के आरोप लग रहे हैं. (AI Image)
Join

नई दिल्ली: झारखंड में निशा भगत की मौत पर राजनीति गरमा गई है. राज्य में भाजपा नेताओं ने तो हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा तो खोल ही दिया है, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जैसे फायरब्रांड नेता भी इस मामले में कूद गए हैं. गिरिराज सिंह ने निशा भगत की मौत के लिए झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि सरकार उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रही. उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा. गिरिराज सिंह ने कहा कि निशा भगत एक निडर आदिवासी बेटी थीं. उनका उद्देश्य आदिवासी जमीन और आदिवासी लड़कियों की रक्षा करना था. इसके लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. उन पर एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार हमले हुए, लेकिन सोरेन सरकार उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रही.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने प्रियंका गांधी के चर्चित नारे 'मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का जिक्र करते हुए सवाल किया कि अब उनकी आवाज कहां है? निशा भगत भी किसी की बेटी थीं. उन्होंने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से पूछा कि वे इस मामले पर खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख रही हैं.

READ ALSO: फेसबुक पर निशा का वीडियो है और फंदे से उतारने का फुटेज है, बीच का वीडियो कहां है? पिता ने कही लव जिहाद की बात

झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के बयान को लेकर भी गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश है और यह सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है. उनका कहना था कि राहुल गांधी ने अब तक इरफान अंसारी के बयान की निंदा नहीं की है.

सोनिया गांधी के लेख पर गिरिराज सिंह ने कहा कि जब सोनिया गांधी लोकतंत्र की बात करती हैं, तो उन्हें दुख होता है. उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी लोकतंत्र की चिंता कर रही हैं या अपने बेटे राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को पहले उन राज्यों में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां पार्टी कई दशकों से सत्ता में वापस नहीं आ पाई है. लोकतंत्र पर सवाल उठाने से पहले उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रायश्चित करना चाहिए और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल और भारतीय नागरिकता को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनके विदेशी मूल का जिक्र करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. उनकी जड़ें इटली में हैं और इस तथ्य को स्वीकार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने एक भारतीय परिवार में शादी की और देश ने उन्हें बहू के रूप में स्वीकार किया.

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने भारत आने के बाद 12 वर्षों तक भारतीय नागरिकता नहीं ली थी. उन्होंने इस अवधि को लेकर सवाल उठाए और जवाब मांगा. इसके अलावा, उन्होंने सोनिया गांधी पर अपने बच्चों के लिए पोप से आशीर्वाद मांगने और उनका धर्म परिवर्तन कराने से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया.

-आईएएनएस

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES