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'वाह रे CID! मरे हुए व्यक्ति से परीक्षा लिखवा दिया, कैसे यकीन करें इस जांच पर', बाबूलाल मरांडी की पोस्ट से मचा हड़कंप

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच पर सवाल उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वाह रे CID! मरे हुए व्यक्ति से परीक्षा लिखवा दिया, कैसे यकीन करें इस जांच पर?

'वाह रे CID! मरे हुए व्यक्ति से परीक्षा लिखवा दिया, कैसे यकीन करें इस जांच पर', बाबूलाल मरांडी की पोस्ट से मचा हड़कंप
Image Credit: बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष, झारखंड विधानसभा (File- Photo)

झारखंड में परीक्षाओं की निष्पक्षता और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार और सीआईडी (CID) की जांच प्रणाली पर करारा हमला बोला है. उन्होंने JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच पर सवाल उठाया है.

बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सूबे की सियासत को हिला कर दिया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि वाह रे CID! मरे हुए व्यक्ति से परीक्षा लिखवा दिया, कैसे यकीन करें इस जांच पर... CID ने जांच में पाया कि अभय तिवारी के पिता दो परीक्षा में पास हुए, लेकिन यहां पता चल यह है कि उनकी मौत 2018 में ही हो चुकी है.

उन्होंने आगे लिखा कि पहली जांच में जो महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, उसे अनुराग गुप्ता ले गए. अब खबरों से पता चला कि बचे-खुचे खुले साक्ष्य भी ख्यांगते ले गए. और आदेश देखकर हैरानी होती है कि जो कुछ बचा है, उसे भी कहीं तीसरे चर्चित एवं विवादास्पद अधिकारी मनोज कौशिक न ले जाएं. फिर झारखंड के छात्रों और युवाओं के हाथ क्या आएगा?

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए लिखा कि @HemantSorenJMM जी, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर सीबीआई जांच के लिए सहमति दीजिए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित कराइए. ऐसा न हो कि महंगे वकीलों के सहारे दूसरे मामलों की तरह तारीख पर तारीख ली जाती रहे और इस बीच घोटाले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य नष्ट हो जाएं. आपकी CID कहीं बचे-खुचे सबूतों को भी नष्ट न कर दे, यह सुनिश्चित करना भी आपकी जिम्मेदारी है.

बीजेपी नेता ने आगे लिखा कि अगर न्यायालय के आदेश के बाद ही CBI जांच होती है, तब तक अगर महत्वपूर्ण साक्ष्य मिट चुके हों, तो जांच का हश्र भी शराब घोटाले की ACB जांच जैसा हवा-हवाई न हो जाए...और मुख्य अभियुक्त पकड़े ही न जायें या जो पकड़े गये हैं, वे सारे चार्जशीट के अभाव में डिफ़ॉल्ट बेल लेकर मजे से बाहर आ जाये. अगर आपमें छात्रों-बेरोजगारों के प्रति तनिक भी संवेदना है तो इस मामले में साक्ष्यों से खिलवाड़ नहीं, बल्कि सच्चाई सामने आनी चाहिए...जो सिर्फ़ CBI की जांच से ही संभव है.

रिपोर्ट: रामप्रवेश कुमार

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Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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