एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद महिला हॉकी टीम की चार खिलाड़ी रांची पहुंची. इस दौरान रांची एयरपोर्ट पर उनता भव्य स्वागत किया गया. सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग गोल्ड मेडल जीत कर रांची पहुंचीं और अपना अगला लक्ष्य ओलंपिक बताया. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए हॉकी प्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा. ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ खिलाड़ियों का जोरदार स स्वागत किया गया. चीन को हराकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता है .
'हमारा यकीन था कि हम जीत सकते हैं'
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, "हम बहुत खुश हैं क्योंकि हमें पता था कि यह हमारे लिए मुश्किल मुकाबला होगा. हमारी प्रतिद्वंदी टीम चीन थी. हम जानते थे कि चीन की टीम बहुत अच्छी है. यह हमारा यकीन था कि हम जीत सकते हैं."
'हमें यहां आकर बहुत अच्छा लगता है'
हॉकी खिलाड़ी निक्की प्रधान ने कहा, "हम जब भी मेडल लेकर आते हैं तो हमारे झारखंड के लोग और हमारे परिवार के लोग हमारा इसी तरह स्वागत करते हैं. हमें यहां आकर बहुत अच्छा लगता है... इस बार 6-7 महीने से हमारी टीम काफी तैयारी कर रही थी..."
भारत ने स्वर्ण पदक किया अपने नाम
बता दें कि सिमडेगा की बेटी और कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारत ने फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है.
चीन को बराबरी का मौका भी मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया ने शानदार बचाव करते हुए पेनल्टी स्ट्रोक रोक दिया. इसके बाद भारतीय डिफेंस ने आखिरी सीटी तक चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया और भारत ने 1-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली. इससे पहले भारतीय महिला टीम ने वर्ष 1982 में नई दिल्ली एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था.