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बीजेपी विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर नजर आ रहे हैं. शाह सड़क किनारे बैठे, इलाके में घूमे और लोगों से मदद के तौर पर पैसे मांगे. खास बात यह रही कि आसपास मौजूद ज्यादातर लोग उन्हें पहचान नहीं सके. शाह ने यह अनुभव जैन चातुर्मास के दौरान जैन आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि महाराज के सुझाव पर किया. इसके पीछे मकसद एक दिन के लिए उन लोगों की जिंदगी को करीब से समझना था, जो खाने और दूसरी जरूरतों के लिए दूसरों की मदद पर निर्भर रहते हैं.
इस अनुभव के दौरान पराग शाह ने अपनी राजनीतिक और आर्थिक हैसियत से जुड़ी सुविधाओं को खुद से दूर रखा. वह न सुरक्षा कर्मचारियों के साथ गए और न ही अपनी गाड़ी या महंगी चीजें लेकर निकले. मेकअप और बदले हुए हुलिए की मदद से उन्होंने अपनी पहचान छिपाई. इसके बाद वह आम लोगों के बीच पहुंचे और घाटकोपर की अलग-अलग जगहों पर घूमते हुए उनसे बातचीत की. उन्होंने अपनी पहचान बताए बिना लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर भी वक्त बिताया.
जिन लोगों से मिले, उनसे दोबारा की मुलाकात
वायरल वीडियो में शाह को सड़क किनारे बैठे और आसपास के लोगों से बातचीत करते देखा जा सकता है. उनका यह अनुभव सिर्फ वेश-भूषा बदलने तक सीमित नहीं रहा. मेकअप हटाने के बाद शाह कुछ उन्हीं जगहों पर दोबारा पहुंचे, जहां वह भिखारी के रूप में गए थे. उन्होंने उन लोगों से भी मुलाकात की, जिनसे उनकी पहले बातचीत हुई थी. इस दौरान उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि रोजाना दूसरों की मदद पर निर्भर रहने वाले लोगों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है.
3,383 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति
पराग शाह महाराष्ट्र के सबसे अमीर राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने 3,383 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी. शाह का कारोबार मुख्य रूप से रियल एस्टेट से जुड़ा है. विधायक बनने से पहले वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC के पार्षद भी रह चुके हैं. भिखारी के रूप में उनके इस अनुभव का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है. शाह के लिए यह एक ऐसा अनुभव था, जिसमें उन्होंने एक दिन के लिए अपनी पहचान और सुविधाओं से दूर रहकर आम लोगों के बीच रहने की कोशिश की.