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न गाड़ी, न सुरक्षाकर्मी... हजारों करोड़ की संपत्ति के बाद भी सड़कों पर भीख मांगने क्यों उतरा 'सबसे अमीर' MLA, क्या थी वजह?

हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति, फिर भी न कोई सुरक्षाकर्मी और न लग्जरी गाड़ी, सड़क पर भीख मांगते इस विधायक का अनोखा अंदाज चर्चा में क्यों आया? जानिए इस कदम के पीछे की असली वजह और पूरा मामला.

न गाड़ी, न सुरक्षाकर्मी... हजारों करोड़ की संपत्ति के बाद भी सड़कों पर भीख मांगने क्यों उतरा 'सबसे अमीर' MLA, क्या थी वजह?

बीजेपी विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर नजर आ रहे हैं. शाह सड़क किनारे बैठे, इलाके में घूमे और लोगों से मदद के तौर पर पैसे मांगे. खास बात यह रही कि आसपास मौजूद ज्यादातर लोग उन्हें पहचान नहीं सके. शाह ने यह अनुभव जैन चातुर्मास के दौरान जैन आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि महाराज के सुझाव पर किया. इसके पीछे मकसद एक दिन के लिए उन लोगों की जिंदगी को करीब से समझना था, जो खाने और दूसरी जरूरतों के लिए दूसरों की मदद पर निर्भर रहते हैं.

इस अनुभव के दौरान पराग शाह ने अपनी राजनीतिक और आर्थिक हैसियत से जुड़ी सुविधाओं को खुद से दूर रखा. वह न सुरक्षा कर्मचारियों के साथ गए और न ही अपनी गाड़ी या महंगी चीजें लेकर निकले. मेकअप और बदले हुए हुलिए की मदद से उन्होंने अपनी पहचान छिपाई. इसके बाद वह आम लोगों के बीच पहुंचे और घाटकोपर की अलग-अलग जगहों पर घूमते हुए उनसे बातचीत की. उन्होंने अपनी पहचान बताए बिना लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर भी वक्त बिताया.

जिन लोगों से मिले, उनसे दोबारा की मुलाकात

वायरल वीडियो में शाह को सड़क किनारे बैठे और आसपास के लोगों से बातचीत करते देखा जा सकता है. उनका यह अनुभव सिर्फ वेश-भूषा बदलने तक सीमित नहीं रहा. मेकअप हटाने के बाद शाह कुछ उन्हीं जगहों पर दोबारा पहुंचे, जहां वह भिखारी के रूप में गए थे. उन्होंने उन लोगों से भी मुलाकात की, जिनसे उनकी पहले बातचीत हुई थी. इस दौरान उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि रोजाना दूसरों की मदद पर निर्भर रहने वाले लोगों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है.

3,383 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति

पराग शाह महाराष्ट्र के सबसे अमीर राजनीतिक चेहरों में शामिल हैं. 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, उन्होंने 3,383 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की थी. शाह का कारोबार मुख्य रूप से रियल एस्टेट से जुड़ा है. विधायक बनने से पहले वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC के पार्षद भी रह चुके हैं. भिखारी के रूप में उनके इस अनुभव का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है. शाह के लिए यह एक ऐसा अनुभव था, जिसमें उन्होंने एक दिन के लिए अपनी पहचान और सुविधाओं से दूर रहकर आम लोगों के बीच रहने की कोशिश की.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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