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कौन हैं सीमा खन्ना? ECINet से वोटर लिस्ट तक... CEC ज्ञानेश कुमार के बाद अब इस नाम पर क्यों मचा घमासान?

चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच IT प्रमुख सीमा खन्ना की भूमिका भी चर्चा में है. अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कपिल सिब्बल और सौरव दास ने ECINet, वोटर लिस्ट और सिस्टम के केंद्रीकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.

Written By Tahir Kamran
Published: Sep 24, 2026, 11:17 PM IST | Updated: Sep 24, 2026, 11:20 PM IST
Image Credit: Seema Khanna
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चुनाव आयोग इस समय सवालों के घेरे में है. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संगीन आरोप लग रहे हैं. ज्ञानेश कुमार के अलावा इस पूरे मामले में एक और नाम चर्चा का विषय बना हुआ है और वो नाम है चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था संभालने वाली सीमा खन्ना का है. सीमा खन्ना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी संगीन आरोप लगाए हैं.

सबसे पहले सीमा खन्ना के बारे में जानते हैं कि वो कौन हैं और क्या क्या करती हैं. सीमा खन्ना 2025 में नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) से प्रतिनियुक्ति पर चुनाव आयोग में आई थीं और फिलहाल आयोग के डिजिटल व IT सिस्टम की देखरेख करती हैं. वो चुनाव आयोग में डायरेक्टर जनरल (IT) हैं. जनवरी 2026 में चुनाव आयोग ने ECINet लॉन्च किया था, जिसके जरिए आयोग के 40 से ज्यादा ऐप और पोर्टल को एक प्लेटफॉर्म के तहत लाया गया. उस समय सीमा खन्ना ने ECINet को पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जनता के भरोसे को बढ़ाने वाला प्लेटफॉर्म बताया था. उनको लेकर विवाद यह है कि इसी IT व्यवस्था के जरिए वोटर रोल से जुड़े काम में केंद्रीकरण बढ़ने और राज्य स्तर के चुनाव अधिकारियों की पहुंच सीमित होने के आरोप सामने आए हैं.

अभिषेक बनर्जी ने 2025 का दिया हवाला

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सीमा खन्ना पर आरोप लगाते हुए कहा,'दिसंबर 2025 में ही इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उन्होंने सबसे पहले उठाया था. उन्होंने सीमा खन्ना की भूमिका पर सवाल उठाए थे और दावा किया था कि उनके पास कुछ व्हाट्सऐप चैट्स हैं, जिनमें सीमा खन्ना ने सॉफ्टवेयर में 'खामियों' की बात स्वीकार की थी.'

महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के IT सॉफ्टवेयर के केंद्रीकरण की जिम्मेदारी DG IT सीमा खन्ना के हाथ में थी. उनके मुताबिक, इस सॉफ्टवेयर के जरिए स्थानीय स्तर के अधिकारियों को दरकिनार किया गया. मोइत्रा ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र और बूथ पर ERO और BLO वोटर लिस्ट के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन सीमा खन्ना और CEC ज्ञानेश कुमार ने ECI के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए इन स्थानीय अधिकारियों को सिस्टम से बाहर रखा और वोटर लिस्ट में हेरफेर किया. मोइत्रा का एक और आरोप है कि सीमा खन्ना और ज्ञानेश कुमार ने सॉफ्टवेयर के बैकएंड के जरिए वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बदलाव करने का काम किया, जबकि ERO और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इसकी जानकारी और सिस्टम तक पहुंच नहीं दी गई. उन्होंने इसे बहुत गंभीर आरोप बताया.

कपिल सिब्बल ने क्या कहा?

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि 40 पोर्टल और ऐप को एक जगह केंद्रीकृत कर दिया गया, जिसके बाद पूरी अथॉरिटी चुनाव आयोग के स्तर पर आ गई और IT से जुड़ी व्यवस्था सीमा खन्ना के तहत हो गई. सिब्बल का आरोप है कि इस केंद्रीकरण के साथ वोटर लिस्ट से बड़ी तादाद में नाम हटाए गए और उन्होंने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाने की बात कही.

कॉकरोच जनता पार्टी ने भी लगाए आरोप

इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी के को-कन्वीनर सौरव दास ने भी सीमा गुप्ता पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लगातार यह कहता रहा है कि वोटर लिस्ट दिल्ली से केंद्रीय रूप से तैयार नहीं होती, बल्कि हर क्षेत्र में इसकी पूरी जिम्मेदारी ERO की होती है. सौरव दास ने दावा किया कि पहले अलग-अलग स्तर पर तैयार होने वाली वोटर लिस्ट की व्यवस्था को बदल दिया गया. ECINet सॉफ्टवेयर के जरिए ERO से यह अधिकार लेकर दिल्ली में केंद्रीकृत कर दिया गया. सौरव दास के मुताबिक, यह कंट्रोल सीमा खन्ना को दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा खन्ना यह तय कर रही थीं कि किस वोटर का नाम सूची में जोड़ा जाएगा और किसका नाम हटाया जाएगा.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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