'स्टिंग ऑपरेशन' विवादः कौन हैं कृपा अल्वा, जिन्हें कांग्रेस ने किया निलंबित, अपनों की जासूसी का आरोप
पार्टी नेताओं के 'स्टिंग ऑपरेशन' में कृपा अल्वा का नाम सामने आने पर कर्नाटक कांग्रेस ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. कर्नाटक कांग्रेस के उपाध्यक्ष एम नारायणस्वामी ने कहा कि उनका आचरण पार्टी विरोधी पाया गया है.
कर्नाटक की सियासत में इन दिनों 'स्टिंग ऑपरेशन' का भूचाल आया हुआ है. अपनों की जासूसी करने के आरोप में कांग्रेस पार्टी ने पूर्व जनरल सेक्रेटरी कृपा अल्वा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की ओर से निष्कासन का आदेश जारी कर दिया गया है. पार्टी की ओर से जारी लेटर में कहा गया कि पार्टी नेताओं के 'स्टिंग ऑपरेशन' में कृपा अल्वा का नाम सामने आया था. इस विवाद के कारण पार्टी की छवि धूमिल हुई और इस मामले में आपका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियों के समान है. आगे कहा गया कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर कृपा अल्वा को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है. कर्नाटक कांग्रेस के उपाध्यक्ष एम नारायणस्वामी की ओर से यह चिट्ठी जारी की गई है.
कौन हैं कृपा अल्वा?
कृपा अल्वा का संबंध कर्नाटक मंगलुरु जिले से है. 1992 में उनके पति अमर अल्वा की हत्या कर द गई थी. इसके बाद उन्होंने 'अमर अल्वा चैरिटेबल ट्रस्ट' की स्थापना समाजसेवा का काम किया. कांग्रेस के साथ जुड़कर उन्होंने सियासत में कदम रखा और अपने क्षेत्र में पार्टी को काफी मजबूत किया. उनके काम से प्रभावित होकर पार्टी ने भी उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का मौका दिया.
कांग्रेस में कई जिम्मेदारियां निभाईं
कांग्रेस पार्टी में वह पूर्व जनरल सेक्रेटरी से लेकर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं. प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है. वह कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के विश्वासपात्र नेताओं में गिनी जाती थीं. साल 2015 में सिद्धारमैया सरकार में ही कृपा अल्वा को कर्नाटक स्टेट कर्मशिन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स का चेयरपर्सन बनाया गया था.
सिद्धारमैया से जुड़ा 'स्टिंग' विवाद
कृपा अल्वा पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समेत प्रदेश के तमाम बड़े कांग्रेसी नेताओं का स्टिंग ऑपरेशन करने का आरोप है. दरअसल, सितंबर-अक्टूबर 2026 में सिद्धारमैया के स्टिंग ऑपरेशन से जड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें 2011 की कुछ पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर काफी गंभीर आरोप लगाए गए थे. सिद्धारमैया ने इन आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. 29 अक्टूबर को पुलिस ने सिद्धारमैया को इस मामले में क्लीन चिट दे दिया था. इस कथित वीडियो में कृपा अल्वा का नाम भी सामने आया था.
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