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अब ‘वेस्ट बंगाल’ नहीं, ‘पश्चिम बंग’: राज्य का नाम बदलने की तैयारी, 1990 के दशक से हो रही थी कोशिश, विधानसभा में जल्द आएगा बिल

केरल (केरलम) के बाद एक और राज्य का नाम बदलने जा रहा है. पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा में राज्य का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने के लिए बिल पेश कर सकती है. अब इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 06, 2026, 08:41 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 09:16 AM IST
Image Credit: (ANI)
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पश्चिम बंगाल का नाम बदलने जा रहा है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का दावा है कि बहुत जल्द इसका प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाएगा. भट्टाचार्य ने बताया कि पश्चिम बंगाल को निकट भविष्य में 'पश्चिम बंग' के नाम से जाना जाएगा. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 'पश्चिम बंग भवन' बनाने के प्रस्ताव पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए भट्टाचार्य ने कोई संकेत नहीं दिया, बल्कि एकदम स्पष्ट कहा कि राज्य को 'पश्चिम बंग' कहने का फैसला 'इसे इसके इतिहास से जोड़ने के लिए' लिया गया था.

नाम बदलने के पीछे की वजह भी जानिए

बीजेपी नेता और सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य का नया नामकरण बंगाल की धरती, इसके प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को सीधे तौर पर जोड़ने के लिए किया जा रहा है.

भट्टाचार्या ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे ये भी कहा, 'अब किसी को भी 'वेस्ट बंगाल' जैसे नाम लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि राज्य सरकार बहुत जल्द या विधानसभा के इसी सत्र में हमारे राज्य का नाम 'पश्चिम बंग' करने के लिए एक बिल पेश करेगी, जो इसके इतिहास के अनुरूप होगा.'

वाराणसी में क्यों बन रहा 'पश्चिम बंग भवन'

पीएम मोदी के वाराणसी स्थित कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल से हर साल भारी संख्या में बुजुर्ग, तीर्थयात्री और पर्यटक काशी विश्वनाथ के दर्शन करने आते हैं, उन सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और सस्ती आवास सुविधा देने के लिए इस भवन का निर्माण हो रहा है.

1990 के दशक से चल रही थी तैयारी

आपको बताते चलें कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का प्रस्ताव पहली बार 1990 के दशक के आखिर में आया था. तब से इसका नाम बदलने की कोशिशें जारी थीं, लेकिन अब सुवेंदु सरकार के कार्यकाल में आखिरकार राज्य का नाम बदलने जा रहा है.

बंगाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आजादी के बाद पहली बार राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव ज्योति बसु की लेफ्ट फ्रंट सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम 'पश्चिम बंग' रखने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि उसके पहले नया नाम 'बांग्ला' रखने की मांग उठी थी. बसु सरकार ने यह प्रस्ताव तत्कालीन केंद्र सरकार को भेजते हुए कहा था कि औपनिवेशिक दौर वाला नाम हटाकर बंगाली लोगों को उनकी पहचान वाला नाम दिया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र से इसकी मंजूरी नहीं मिल सकी थी. 

आगे ममता बनर्जी की सरकार ने भी कई बार नाम बदलने की कोशिश की लेकिन उसे भी ये यश नहीं मिला. टीएमसी की सरकार ने 'बांग्ला' नाम चुना था, उसे भी केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिल पाई थी. आज पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार है, इसलिए बहुत जल्द राज्य का नाम बदल सकता है.

गौरतलब है कि हाल ही में केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के पीछे मुख्य दलील यह दी गई थी कि राज्य के आधिकारिक और संवैधानिक नाम को स्थानीय मलयालम भाषा, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप बनाया जाए. पश्चिम बंगाल का नाम 'पश्चिम बंग' करने के लिए यही भाषाई और सांस्कृतिक आधार बनाया गया है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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