शुभेंदु सरकार बदल रही 'सिलेबस': बच्चे अब पढ़ेंगे श्यामा प्रसाद की जीवनी, किताबों से सिंगुर चैप्टर आउट
बंगाल के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि एक समिति से मिले सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रम में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में बच्चों को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पढ़ाई जाएगी.
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार अब पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. जानकारी के मुताबिक, नए पाठ्यक्रम में बच्चों को जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पढ़ाई जाएगी. वहीं, किताबों से सिंगुर आंदोलन का चैप्टर हटाने का प्लान है. बंगाल के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने इसकी जानकारी दी. शिक्षा मंत्री बर्मन ने बुधवार (4 नवंबर) को पत्रकारों को बताया कि एक समिति ने अपना काम पूरा कर लिया है और उसने जो नया पाठ्यक्रम तैयार किया है, उसमें राज्य के इतिहास और यहां की प्रमुख हस्तियों पर अधिक जोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में बच्चों को श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पढ़ाई जाएगी. इससे बच्चों को भारत निर्माण में उनके (श्यामा प्रसाद मुखर्जी) योगदान की जानकारी मिल सकेगी.
नए सिलेबस में नहीं होंगे ये चैप्टर
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि कक्षा 8 के पाठ्यक्रम में शामिल 'सिंगूर आंदोलन' वाले अध्याय को नए पाठ्यक्रम में हटा दिया गया है. इसी तरह से समिति ने कक्षा 6 की किताबों से 'कन्याश्री योजना' वाले अध्याय को भी हटाने की सिफारिश की है.
बता दें कि ममता बनर्जी की सरकार में इस योजना की शुरुआत हुई थी. टीएमसी सरकार में इसे प्रमुख योजनाओं में शामिल किया गया था. इस योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा जारी रखने और कम उम्र में शादी रोकने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता दी जाती है.
तीसरी भाषा में भी होंगी किताबें
शिक्षा मंत्री बर्मन ने बताया कि कक्षा 5 से 8 तक के छात्रों के लिए 'सूचना और संचार प्रौद्योगिकी' (ICT) को एक व्यवस्थित विषय के रूप में शामिल किया जाएगा, जिसका एक तय पाठ्यक्रम होगा. इसके अलावा, कक्षा 7 और 8 के लिए तीसरी भाषा की किताबें भी शुरू की जाएंगी.
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हर पाठ्यपुस्तक की शुरुआत में पूरा 'वंदे मातरम' भी छापा जाएगा. इससे बच्चों को उसे याद करने में आसानी होगी. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार कक्षा 9 तक लागू 'नो-डिटेंशन पॉलिसी' को खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है.
जनगणना के कारण परीक्षा का शेड्यूल बदलेगा
शिक्षा मंत्री बर्मन ने रिजल्ट प्रणाली में भी बड़ा बदलाव किए जाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस पर जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है. इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने कहा कि जनगणना के कारण 2027 की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए स्कूली शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी. इस वजह से परीक्षाओं का शेड्यूल बदला जा सकता है.
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (WBBSE) ने माध्यमिक (कक्षा 10) की परीक्षाएं 15 से 25 फरवरी के बजाय 2 से 16 मार्च के बीच कराने का प्रस्ताव दिया है. इसी तरह से पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (WBCHSE) ने उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के चौथे सेमेस्टर को 22 जनवरी से 23 फरवरी के संभावित कार्यक्रम के बजाय 16 मार्च के बाद कराने का प्रस्ताव दिया है.
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