पैसों का झगड़ा, कल्याणी के 9 टुकड़े और नहर में बहाए सबूत: जानिए कैसे एक टैटू से बेनकाब हुआ बेरहम शफी!
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पैसों के विवाद में एक कसाई ने अपनी ही महिला मित्र की गला रेतकर हत्या कर दी. वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने शव के 9 टुकड़े किए और फिर उन्हें नहर में बहा दिया. आइए जानते हैं पूरा मामला...
दोस्ती, भरोसा और फिर ऐसी दरिंदगी जो किसी को भी डरा दे... यह किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के सामने आया एक हैरान करने वाला मामला है. यहां मटन की दुकान चलाने वाले एक कसाई ने जब अपनी ही करीबी महिला दोस्त को मौत के घाट उतारने की सोची तो इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं. पहले चाकू से गला रेता, फिर लाश के नौ टुकड़े किए और नहर में बहा दिए, ताकि कोई सबूत न बचे.
ऐसा करके आरोपी को लगा कि उसने अपना गुनाह छुपा लिया है, लेकिन मृतका के हाथ पर बने एक टैटू ने उसे आखिरकार सलाखों के पीछे भेज दिया.
यह खौफनाक वारदात विजयवाड़ा के भवानीपुरम की है, जहां पुलिस को इब्राहिमपटनम में एक अज्ञात महिला का शव मिला, जिसकी पहचान नहीं हो पा रही थी. इसके बाद पुलिस ने शव की जानकारी सोशल मीडिया पर डाली. हाथ पर बना टैटू देखकर परिवार वाले थाने पहुंचे और शव की पहचान कल्याणी के रूप में हुई.
पैसों का लेन-देन और बेटे को लेकर विवाद
पहचान होते ही पुलिस ने परिवार के बयान लिए और जांच शुरू की. शक की सुई सीधे भवानीपुरम में मटन की दुकान चलाने वाले शफी पर जाकर टिकी. जांच के दौरान पता चला कि शफी और कल्याणी के बीच पुरानी जान-पहचान थी, लेकिन पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था. कल्याणी के बेटे की एक बात पर भी दोनों के बीच अनबन चल रही थी.
घर ले जाकर रेता गला, फिर किए 9 टुकड़े
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को शफी कल्याणी को भवानीपुरम स्थित अपने घर ले गया. वहां दोनों के बीच पैसों को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई. विवाद बढ़ने पर तैश में आकर शफी ने धारदार चाकू से कल्याणी का गला रेत दिया.
वारदात के बाद आरोपी ने अपनी दुकान पर काम करने वाले गुरुवुलु नाम के कर्मचारी की मदद ली. दोनों ने मिलकर शव के 9 टुकड़े किए, फिर उन्हें ठिकाने लगाने के लिए गोल्लापुडी इलाके की कूलिंग नहर में फेंक दिया.
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में, पूछताछ जारी
इब्राहिमपटनम सर्किल इंस्पेक्टर सुब्रमण्यम ने बताया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी के सहयोग से इस अंधे कत्ल की गुत्थी तेजी से सुलझ सकी. पुलिस ने मुख्य आरोपी शफी और उसके सहयोगी गुरुवुलु को हिरासत में ले लिया है. दोनों से पूछताछ की जा रही है कि शव के अंगों को कैसे और किन रास्तों से ले जाया गया था, साथ ही मामले में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूतों को जुटाने की कार्रवाई जारी है.
विजयवाड़ा वेस्ट एसीपी दुर्गा राव ने दी मामले की जानकारी
इस मामले में विजयवाड़ा वेस्ट एसीपी दुर्गा राव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया.
'18 तारीख की शाम को इब्राहिमपटनम पुलिस को कूलिंग नहर में एक लाश तैरने की सूचना मिली थी. करीब 30 से 35 साल की एक महिला का शव मिला था, जिसके सिर, हाथ और पैर कटे हुए थे. इसके बाद ड्रोन कैमरों, एनडीआरएफ की टीम और जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया. इस तलाशी में सिर, दोनों पैर और एक हाथ बरामद कर लिया गया, जबकि बायां हाथ अभी मिलना बाकी है.
'महिला की बांह पर बने एक टैटू के आधार पर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की गई, जिससे उसकी पहचान मंगलागिरी की रहने वाली कर्री दुर्गा उर्फ कल्याणी के रूप में हुई, वह स्थानीय होटलों और ढाबों पर काम करती थी. पहले से शादीशुदा एक व्यक्ति के साथ उसका संबंध था, जिससे उसे एक बेटा हुआ था. बाद में उस बच्चे को भवानीपुरम के रहने वाले शफी ने गोद ले लिया था, जिसकी पहले से तीन बेटियां थीं. दोनों आरोपी अभी पुलिस कस्टडी में हैं और हत्या के सही हालात का पता लगाने और घटनाओं का क्रम पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.'
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