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पंजाब के नांगल में VHP नेता विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़े मामले जांच में जुड़े अधिकारियों को बड़ी कामयाबी मिली है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि भारतीय एजेंसियों ने पंजाब के नांगल में VHP नेता विकास प्रभाकर की हत्या से जुड़े हरविंदर कुमार उर्फ सोनू बरनाला को डिपोर्ट करने में सफलता पाई है.
दरअसल, वीएचपी नेता प्रभाकर की हत्या आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के गुर्गों ने सांप्रदायिक अशांति फैलाने की कोशिश में की थी; यह हत्या संगठन के पाकिस्तान में रहने वाले प्रमुख वाधवा सिंह, उर्फ बब्बर, के कहने पर की गई थी. आरोपी को डिपोर्ट करने के लिए भारतीय अधिकारी काफी समय से प्रयास कर रहे थे, जिसमें उन्हें सफलता मिली है.
UAE में रहने वाले सोनू बरनाला के खिलाफ इसी साल अप्रैल के महीने में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. भारतीय एजेंसियों ने 17 अप्रैल 2026 को बरनाला के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। गृहमंत्रालय के अनुसार, भारतीय एजेंसियों के 19 जून 2026 के अनुरोध के बाद, UAE के अधिकारियों ने उसे भारत को सौंप दिया.
Indian agencies achieved a major breakthrough in securing the deportation of Harwinder Kumar, alias Sonu Barnala, who is linked to the murder of VHP leader Vikas Prabhakar in Nangal, Punjab. Prabhakar was shot dead by operatives of the terror organisation Babbar Khalsa…
— ANI (@ANI) October 1, 2026
गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस (सख्त रवैये) के विज़न के तहत, गृह मंत्रालय ने 'प्रहार' (PRAHAAR) पहल शुरू की है, जिसके तहत आतंकवादियों को भारत डिपोर्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता विकास प्रभाकर हत्या मामले की जांच एनआईए कर रही थी. पिछले साल एनआईए की ओर से मामले में आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के दो सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. इसी चार्जशीट में धर्मिंदर कुमार (उर्फ कुणाल) और हरविंदर कुमार (उर्फ सोनू) और हरविंदर कुमार का नाम शामिल था. हरविंदर कुमार को ही डिपोर्ट करने में सफलता मिली है.