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US PERM Visa News: अमेरिका के नए फैसले पर भारत सख्त! रणधीर जायसवाल बोले- H-1B पर नहीं पड़ेगा असर, लेकिन...

अमेरिका द्वारा आईटी कंपनियों के PERM आवेदनों पर रोक लगाने के फैसले पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से H-1B वीजा धारकों और उनके आश्रितों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा. जानिए इस नए कदम का भारतीय पेशेवरों पर क्या असर होगा.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 09, 2026, 04:53 PM IST | Updated: Oct 09, 2026, 05:03 PM IST
Image Credit: 'PERM सस्पेंड होने से क्या होगा?' अमेरिकी उपराष्ट्रपति के बयान पर विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब
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भारत ने अमेरिका के कुछ कंपनियों के लिए स्थायी निवास से जुड़ी PERM प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस कदम से भारत और अमेरिका, दोनों देशों को होने वाले फायदे प्रभावित हो सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि PERM आवेदन पर रोक का मतलब H-1B वीजा पर रोक लगना नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PERM और H-1B वीजा दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं.

रणधीर जायसवाल ने आगे बताया कि PERM आवेदन पर रोक लगने से H-1B वीजा की वैधता या वीजा धारकों और उनके परिवार के सदस्यों की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, इस फैसले से प्रभावित कंपनियों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड यानी अमेरिका में स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. भारत सरकार इस मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रख रही है.

इंडियन प्रोफेशनल्स से अमेरिका को भी फायदा

रणधीर जायसवाल ने कहा कि इंडियन टैलेंट्स की आवाजाही से भारत और अमेरिका, दोनों देशों की इकोनॉमी को फायदा होता है. इंडियन प्रोफेशनल्स अमेरिकी कंपनियों को स्किल्ड कर्मचारी, नई तकनीक, शोध और नवाचार के क्षेत्र में मजबूती देते हैं. इससे कंपनियों की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है. साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी बनते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय पेशेवरों के योगदान से अमेरिकी कंपनियों और वहां की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलता है. ऐसे में अमेरिका की ओर से उठाए गए हालिया कदम दोनों देशों के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मददगार नहीं हैं. भारत को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्ष भारतीय प्रतिभाओं के योगदान और आपसी फायदे को समझेंगे.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणी पर भी जताई आपत्ति

अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारतीय पेशेवरों के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में इंडियन प्रोफेशनल्स हाई एजूकेटेड और  उच्च शिक्षित और स्किल्ड हैं. वे वहां की इकोनॉमी, तकनीक और इनोवेशन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का इतिहास उन प्रवासियों के योगदान से बना है, जिन्होंने अपनी मेहनत, कारोबार और नए विचारों के जरिए देश की तरक्की में योगदान दिया है. ऐसे में औपनिवेशिक इतिहास से जुड़े दर्दनाक अर्थ रखने वाले शब्दों का इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है.

यह भी पढ़ेंः अमेरिका में नौकरी पड़ेगी भारीः विदेशी छात्रों को चुकाने होंगे करीब ₹68 लाख, भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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