गोवा एयरपोर्ट पर CISF का बड़ा एक्शन: IIT भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ चीटिंग डिवाइस के साथ 2 पैसेंजर अरेस्ट
गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने दो यात्रियों को पकड़ा है. दोनों के पास से प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाले ब्लूटूथ डिवाइस मिले हैं.
गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF के जवानों ने हाईटेक नकल का भंडाफोड़ किया है. 2 यात्रियों के पास से ब्लूटूथ चीटिंग डिवाइस, सिम कार्ड और फर्जी आईडी बरामद हुए हैं. जब पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि ये डिवाइस IIT गोवा की भर्ती परीक्षा में नकल कराने के लिए लाए गए थे. फिलहाल पुलिस ने दोनों यात्रियों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है.
दरअसल, दोपहर करीब 2:25 बजे एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1340 से दिल्ली जा रहे एक यात्री ने सिक्योरिटी चेकिंग के लिए अपना बैग एक्स-रे मशीन में डाला था. स्क्रीन पर बैग देखते ही सीआईएसएफ जवान को कुछ गड़बड़ लगी, जिसके बाद बैग को ओपन कराया गया. जब तलाशी ली गई तो बैग से तीन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दो सिम कार्ड और तीन ब्लूटूथ इयरपीस मिले, जिनका यूज प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए किया जाता है.
फ्लाइट में बैठ चुका था दूसरा साथी
सख्ती से पूछताछ में उस पैसेंजर ने माना कि ये डिवाइस एग्जाम में नकल करने के लिए थे. उसने ये भी एक्सेप्ट किया कि उसके साथ ट्रेवल कर रहा एक साथी पहले ही उसी फ्लाइट में सवार हो चुका है, जिसे बाद में एयरलाइन स्टाफ की मदद से पकड़ा गया.
हैंडबैग से मिला IIT गोवा भर्ती का एडमिट कार्ड
तलाशी में उसके हैंडबैग से भी वैसा ही एक डिवाइस, दो ब्लूटूथ इयरपीस और एक सिम कार्ड मिला. साथ ही उसके पास IIT गोवा नॉन-टीचिंग स्टाफ भर्ती परीक्षा में एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट पद का एडमिट कार्ड भी बरामद हुआ. पूछताछ में उसने कबूल कर लिया कि यह डिवाइस उसी परीक्षा में नकल करने के लिए था.
'मुन्नाभाई' बनकर दूसरे की जगह दी थी परीक्षा
जब इंटेलिजेंस एजेंसियों ने दोनों यात्रियों से सख्ती से पूछताछ की, तो बड़ा खुलासा हुआ. पूछताछ में पता चला कि पहला यात्री किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह 'मुन्नाभाई' बनकर परीक्षा देने बैठा था. जांच में दो अन्य लोगों के आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें उसने पकड़े जाने के डर से सिक्योरिटी होल्ड एरिया में फेंक दिया था.
आरोपी निकला डिफेंस का कर्मचारी
पकड़े गए एक यात्री ने खुद को एक डिफेंस संस्थान का सिविलियन कर्मचारी बताया, जिसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों से कराई गई. इसके बाद दोनों यात्रियों, बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों को डाबोलिम एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया. चूंकि परीक्षा केंद्र पोंडा पुलिस स्टेशन के दायरे में आता है, इसलिए बाद में यह मामला वहां ट्रांसफर कर दिया गया. दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की जांच में जुटी है.
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