त्रिपुरा में बदमाशों की निकली हेकड़ी: BSF जवानों पर हमले का मामला, ताबड़तोड़ एक्शन में 8 गिरफ्तार
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा, 'मैं अशाबारी में उपद्रवियों द्वारा हमारे BSF जवानों पर हुए क्रूर हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है. यह हमला चिंता का विषय है, हमलावरों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.'
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक सुरक्षा बलों पर हमले के मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आपको बताते चलें कि बोक्सानगर के अशाबाड़ी इलाके में तस्करों के नेटवर्क से जुड़े कुछ हमलावरों ने BSF जवानों को निशाना बनाया था. इस मामले में बीएसएफ की गाड़ी को रोककर जवानों पर डंडे बरसाए गए थे. मामले में तीन जवानों के घायल होने की खबर आई थी. हमलावरों के इस दुस्साहस के बीच भीड़ में मौजूद कुछ लोग वीडियो बना रहे थे. हमलावरों में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस वारदात पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
हमला चिंता का विषय
हमलावरों बीएसएफ के जवानों के हथियार छीनकर फरार हो गए. इस घटनाक्रम को लेकर 'X' पर लिखी एक पोस्ट में, साहा ने सुरक्षाकर्मियों पर हुए इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटे जाने की बात कही थी.
उन्होंने कहा, 'सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है. हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला गंभीर चिंता का विषय है.
इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला ने भी जवान के ऊपर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए हैं.
मामले की जांच जारी
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम की जांच जारी है. यह हमला सोमवार की सुबह अशाबारी में हुआ था. जहां कुछ कथित तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल की गाड़ी को घेर लिया था. इसके बाद इस पूरे इलाके में काफी तनाव फैल गया था. पुलिस और बीएसएफ ने संबंधित इलाके में चौकसी और निगरानी बढ़ा दी है. प्रशासन का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही प्रशासन अब ये भी सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी घटना की कभी कोई पुनरावृत्ति न हो. इस संवेदनशील सीमावर्ती इलाके का इस्तेमाल नशे और हथियारों की तस्करी के लिए किया जाने का अनुमान है.