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महाराष्ट्र में MLC चुनाव में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) से पीछे रहने के बाद सत्ताधारी महायुति गठबंधन में काफी खींचतान देखने को मिल रही है. MLC चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद से सत्ताधारी महायुति गठबंधन में शामिल तीनों दलों (बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. इसी कड़ी में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता नीलेश राणे ने सीएम फडणवीस के करीबी और बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन को 'लिमिट में रहने' की चेतावनी दी है. नीलेश राणे ने कहा कि बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन अपनी हैसियत से ज्यादा बोल रहे हैं. उन्हें मर्यादा में रहना चाहिए.
BJP प्रवक्ता को शिवसेना नेता की नसीहत
दरअसल, पुणे और नागपुर स्नातक निर्वाचन सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की हार पर बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (शिंदे गुट) पर भड़ास निकाली थी. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा था कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे इस चुनाव में अपने कार्यकर्ताओं को नहीं संभाल सके. उन्होंने कहा था कि अगर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और एनसीपी उम्मीदवारों का समर्थन किया होता, तो महायुति गठबंधन निश्चित रूप से विधान परिषद की सभी पांच सीटें जीतने में कामयाबी हासिल करती. बीजेपी प्रवक्ता के इस बयान पर शिवसेना (शिंदे गुट) भड़क उठी और नीलेश राणे ने बीजेपी प्रवक्ता को अपनी हैसियत में रहकर बोलने की नसीहत दे डाली.
महायुति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
उधर, नीलेश राणे के भाई और बीजेपी कोटे से मंत्री नीतेश राणे ने भी महायुति में सामंजस्य का अभाव बताया. इन चुनावों में महाविकास अघाड़ी की कामयाबी पर उन्होंने महायुति में 'शकुनी मामा' मौजूद होने की बात कही. बीजेपी नेता ने कहा कि अगर तीनों दल आपस में मिलकर लड़ते तो विपक्ष कभी नहीं जीत सकता था. उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन के भीतर किसी ‘शकुनि मामा’ की मौजूदगी है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए.
CM फडणवीस की ठाकरे बंधुओं से मुलाकात की चर्चा
आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में सीएम देवेंद्र फडणवीस की ठाकरे बंधुओं से मुलाकात भी काफी चर्चा में है. हाल ही में सीएम फडणवीस ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ एक किताब के 'विमोचन' कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इस कार्यक्रम में तीनों नेता काफी सहज लग रहे थे और आपस में काफी हंसी-ठिठोली करते नजर आए. इन तस्वीरों को लेकर अटकलों का बाजार गरम है.