सरदार पटेल की 151वीं जयंती: लौह पुरुष को देश कर रहा याद, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर विशेष आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गुजरात का एकता नगर राष्ट्रीय एकता के रंग में रंगा नजर आ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि देने के साथ पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई सुविधाओं की शुरुआत की. इसके अलावा सुरक्षा बलों की परेड, 'वंदे मातरम्' पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नक्सल मुक्त भारत पर विशेष नाट्य प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
सरदार पटेल की जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. इस बेहद खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें याद किया. पीएम मोदी सुबह 9 बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचें. उसके बाद कई कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. आज के अन्य आकर्षणों की बात करें तो पीएम मोदी रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का दौरा करेंगे, इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम को करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की एकता परेड होगी. वहीं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा 'नक्सल मुक्त भारत' पर एक नाट्य प्रस्तुति भी की जाएगी, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के लगभग 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे. वहीं, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 'वंदे मातरम्' थीम पर आधारित होंगी, जिसमें देश भर के लगभग 5,000 कलाकार बड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुति में हिस्सा लेंगे.
एकता प्रकाश पर्व
शुक्रवार को पीएम मोदी ने सरदार पटेल की जयंती समारोह से एक दिन पहले नर्मदा जिले के एकता नगर में 'एकता प्रकाश पर्व-2026' के आयोजन में शिरकत की. जहां उन्होंने देश के चार क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाले रोशनी से सजे प्रदर्शन देखे. इसी दौरान प्रधानमंत्री ने इल्युमिनेशन फेस्टिवल के इनडोर सेक्शन को देखा, जिसे उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले चार जोन में बांटा गया है.
'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर सौगात
इस खास मौके पर पीएम मोदी द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में 31 पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा. इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 426.71 करोड़ रुपए है. इनमें 307.83 करोड़ रुपए की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन होना है, जबकि 118.88 करोड़ रुपए की 8 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी.
केंद्र की मोदी सरकार ने 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाने की शुरुआत की थी. तभी से हर साल पूरे देश में बड़े धूमधाम से 31 अक्टूबर को यह दिवस मनाया जाता है. इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश देना है.
इस मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कई रियासतों को एक साथ मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया.'
शाह ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा, "आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. सरदार साहब ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी. अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला रखकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ आधार दिया. सरदार साहब का त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम हर एक देशवासी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के निर्माण की दिशा में प्रेरित करता रहेगा.'