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70 हजार भारतीयों को मिलेगा रूस में काम... विदेश मंत्री ने बताया मैनपावर से लेकर ट्रेड तक, मॉस्को के साथ क्या है नया रोडमैप?

विदेश में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए गुड न्यूज है. रूस ने यह कन्फर्म किया है कि वह भारत के 70 हजार युवाओं को काम पर रखेगा. रूस अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर रखने के लिए मैनपावर की कमी से जूझ रहा है, इसलिए उसने भारतीय युवाओं को नौकरी देने का कदम उठाया है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी तीसरे पक्ष के बजाय दोनों देशों की सरकारों के स्तर पर सीधा रास्ता तैयार हो रहा है. इसकी जानकारी खुद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में दी है.

70 हजार भारतीयों को मिलेगा रूस में काम... विदेश मंत्री ने बताया मैनपावर से लेकर ट्रेड तक, मॉस्को के साथ क्या है नया रोडमैप?
Image Credit: AI जनरेटेड तस्वीर...

विदेश में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए गुड न्यूज है. रूस ने यह कन्फर्म किया है कि वह भारत के 70 हजार युवाओं को काम पर रखेगा. रूस अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर रखने के लिए मैनपावर की कमी से जूझ रहा है, इसलिए उसने भारतीय युवाओं को नौकरी देने का कदम उठाया है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी तीसरे पक्ष के बजाय दोनों देशों की सरकारों के स्तर पर सीधा रास्ता तैयार हो रहा है. इसकी जानकारी खुद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में दी है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पैनल को बताया कि रूस और भारत के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों के तहत रूस इस साल करीब 70 हजार स्किल्ड भारतीय कामगारों को अपने यहां रोजगार देने पर तैयार हुआ है. रूस में फिलहाल सबसे ज्यादा मांग कंस्ट्रक्शन (निर्माण) और लॉजिस्टिक्स (सप्लाई चेन और माल ढुलाई) सेक्टर में है. जो भी युवा इन क्षेत्रों में काम करने का अनुभव रखते हैं, चाहे वह तकनीकी हो या व्यावहारिक, उनके लिए यह बढ़िया मौका है.

7 बड़े सेक्टर्स में एक्सपोर्ट बढ़ाने और देश की एनर्जी सुरक्षा पर जोर

दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों का मकसद अपने आपसी व्यापार को बराबरी के साथ नई ऊंचाइयों पर ले जाना है. इसके लिए 7 खास सेक्टर्स चुने गए हैं, जहां से रूस को एक्सपोर्ट बढ़ाया जाएगा:

  1. गाड़ियां और ऑटो पार्ट्स (ऑटोमोबाइल)
  2. दवाइयां (फार्मा)
  3. खाने-पीने की चीजें (फूड प्रोडक्ट्स)
  4. सी-फूड (मरीन प्रोडक्ट्स)
  5. इंजीनियरिंग का सामान
  6. केमिकल्स
  7. कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल)

रूसी सेना में फंसे भारतीयों की वतन वापसी

दरअसल, कई सारे मामले यह भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों को जॉब के नाम पर रूसी सेना में भर्ती कर दिया गया और फिर फ्रंटलाइन पर लड़ने के लिए भेज दिया गया. संसदीय पैनल को विदेश मंत्री ने रूसी सेना में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की रिहाई के प्रयासों के बारे में भी डिटेल दी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने शीर्ष स्तर पर रूसी अधिकारियों से सभी भारतीयों की जल्द रिहाई का मुद्दा उठाया है. 

अब तक करीब 140 भारतीय नागरिकों को रिहा कराया जा चुका है, जबकि रूसी सेना के लिए कथित रूप से काम कर रहे शेष 55 भारतीय नागरिकों के सटीक ठिकानों और उनकी वापसी को लेकर भारत लगातार रूसी प्रशासन के संपर्क में है.

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Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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