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RSS का बड़ा फैसला: अब 3 साल में एक बार होगी 'ABPS' की बैठक, क्या है मकसद?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने एक बड़ा फैसला किया है. यह फैसला उसने अपने कामकाज के तौर-तरीकों में बड़े बदलाव के लिए लिया है. आइए जानते हैं डिटेल से...

RSS का बड़ा फैसला: अब 3 साल में एक बार होगी 'ABPS' की बैठक, क्या है मकसद?
Image Credit: RSS की 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' हर साल की जगह अब 3 साल में एक बार होगी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी संगठनात्मक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने का डिसीजन लिया है. यह फैसला संघ की सबसे बड़ी और अहम बैठक यानी 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' से जुड़ा है. यह बैठक अब तक हर साल होती थी, लेकिन अब से यह हर साल की बजाय 3 साल में एक बार होगी. संघ ने यह कदम डिसीजन लेने की प्रोसेस को जमीनी स्तर तक ले जाने और संगठन के काम को और रफ्तार देने के लिए उठाया है. इसका सीधा मकसद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ संगठन के जुड़ाव को और मजबूत करना है.

सूत्रों की मानें तो नए प्लान के मुताबिक, नागपुर में होने वाली मुख्य ABPS (अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा) की बैठक अब 3 साल में एक ही बार होगी, जबकि संघ के सभी नौ रीजंस (क्षेत्रों) में हर साल लोकल लेवल पर रिप्रेजेंटेटिव्स की मीटिंग्स होंगी.

दरअसल, आरएसएस शुरुआत के वक्त से ही हर साल मार्च के महीने में 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' (एबीपीएस) की बैठक करता आ रहा है. इस मीटिंग में संगठन के अलग-अलग विभागों के कामों की समीक्षा की जाती है. बड़ी नीतियों पर डिस्कशन होता है और अहम प्रस्ताव भी पास किए जाते हैं, ताकि फ्यूचर के काम की टाइमलाइन सेट हो सके और संगठन अपने मुख्य टारगेट तय कर सके.

सरकार्यवाह के चुनाव वाले साल में होगी केंद्रीय बैठक

आईएएनएस ने जानकारी दी है कि, अब नई व्यवस्था के तहत नागपुर में होने वाली केंद्रीय बैठक मुख्य रूप से बड़े नीतिगत फैसलों पर केंद्रित होगी. यह बैठक उन सालों में आयोजित होगी जब सरकार्यवाह (महासचिव) का चुनाव होना होता है. यह डिसीजन आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

प्रतिनिधि सभा और कार्यकारी मंडल के बीच क्या है फर्क?

इस नए बदलाव के बाद आरएसएस की दो प्रमुख बैठकों 'प्रतिनिधि सभा' (एबीपीएस) और 'कार्यकारी मंडल' (एबीकेएम) के बीच का फर्क भी साफ नजर आने लगा है. एबीकेएम की बैठक अमूमन हर साल सितंबर या अक्टूबर के दौरान बुलाई जाती है. इसमें सिर्फ चुनिंदा बड़े पदाधिकारी ही शामिल होते हैं, जो संगठन के अंदरूनी मसलों पर गहराई से मंथन करते हैं और जरूरी फैसले लेते हैं.

अब तक राजनीतिक जानकारों और विश्लेषकों ने संघ की बैठकों को भाजपा के साथ उसके तालमेल और रिश्तों के चश्मे से ही देखा है, लेकिन हकीकत यह है कि 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' (एबीपीएस) का मुख्य काम संघ के अंदरूनी कामकाज, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य के बड़े एजेंडे को दिशा देना रहा है.

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Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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