SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

गुस्से की आग में जली LPU: 10 दिन के लिए क्लासेज सस्पेंड; छात्रों का खौफनाक बवाल; ऐसा रहा पिछले 24 घंटे का हाल

पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हॉस्टल में छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की अफवाहों के बाद भारी हिंसा और आगजनी हुई. यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने इसे बेबुनियाद बताया, जबकि पुलिस ने SIT गठित कर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है. पढ़िए पिछले 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 28, 2026, 10:58 AM IST | Updated: Sep 28, 2026, 12:36 PM IST
Image Credit: LPU कैंपस में कथित यौन उत्पीड़न का सच क्या है, जांच के बाद सामने आएगा.
Join

छात्रों की नाराजगी किस कदर खतरनाक हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण है पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी LPU. कुछ दिन पहले तक कोई सोच नहीं सकता था कि जिस कैंटीन में, जिस कैंपस में छात्र हंसी खुशी घूम रहे हैं, पढ़-लिख रहे हैं, वहां इतना बड़ा उपद्रव हो जाएगा. 2000 सुरक्षाबल तैनात करने पड़ जाएंगे और 10 दिन के लिए क्लासेस रद्द करनी पड़ेगीं.

लेकिन रविवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रा के साथ कथित रेप और आत्महत्या के आरोपों को लेकर छात्रों ने परिसर में तांडव मचा दिया. हाईवे जाम कर दिया और आगजनी भी की. यूनिवर्सिटी ने रेप और आत्महत्या की खबरों का खंडन किया और पंजाब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी. चलिए आपको बताते हैं कि पिछले 24 घंटे में इस मामले में क्या-क्या हुआ? आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, सियासी दलों की इस घटना में दिलचस्पी बढ़ गई है.

छात्रों का हिंसक प्रदर्शन

रेप के बाद आत्महत्या की अफवाह के बाद छात्रों ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार सुबह तोड़फोड़ की. शनिवार को शुरू हुआ यह विरोध रविवार को हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और उनकी गाड़ियों पर हमला किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

रात भर चले विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे का एक हिस्सा जाम कर दिया. छात्रों ने न सिर्फ कैंपस में तोड़फोड़ की बल्कि इमारतों के कुछ हिस्सों में आग भी लगा दी. हालांकि, पुलिस ने बताया कि एक अज्ञात शख्स के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.

रविवार शाम को स्थिति तब बेकाबू हो गई, जब प्रदर्शनकारी छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत नाकाम रही. पुलिस छात्रों से नेशनल हाईवे खाली करने को कहती रही, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन पर बोतलें फेंकीं. इसके जवाब में पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे स्थिति और बिगड़ गई. तीन SUV और छह मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया. इस बीच, हाईवे पर जाम लगा रहा.

क्या हैं छात्रों के आरोप?

छात्रों की शिकायत के मुताबिक, यूनिवर्सिटी हॉस्टल में एक कंस्ट्रक्शन वर्कर ने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया. जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने छात्रों के दावों का हवाला देते हुए कहा कि घटना तीन दिन पहले हुई थी. आरोप है कि हॉस्टल वार्डन ने घटना की जानकारी पुलिस को देने के बजाय पीड़िता को घर जाने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद छात्रा ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली. सिंगला ने कहा, 'हमने जांच टीम में विरोध कर रहे छात्रों के पांच प्रतिनिधियों को भी शामिल किया है. मामले की पूरी जांच की जाएगी और सभी डिजिटल और तकनीकी सबूतों को रिकॉर्ड में लिया जाएगा.'

छात्राओं ने पहले बयान दिया, फिर लिया यू-टर्न

हालांकि, पीड़ित की पहचान के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है. यूनिवर्सिटी ने रेप-आत्महत्या के दावे को खारिज कर दिया और असामाजिक तत्वों पर छात्रों के बीच भ्रम पैदा करने और यूनिवर्सिटी के माहौल को खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया. LPU ने मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह और बिगड़ गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जिस वीडियो में सफाई देने के लिए कुछ छात्राओं को दिखाया गया था, उन्हीं छात्राओं ने बाद में सामने आकर कहा कि उन्हें क्या बोलना है, यह पहले ही बता दिया गया था और उनकी बातों का इस्तेमाल उनकी मंजूरी के बिना किया गया.

विरोध-प्रदर्शनों के बीच, रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक वीडियो जारी किया. इसी वीडियो में उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल 3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं को दिखाया. यह वही कमरा है, जिसका जिक्र दावों में किया गया था. उन छात्राओं ने इस बात से इनकार किया कि वहां ऐसी कोई घटना हुई थी.

रजिस्ट्रार क्या बोलीं?

वीडियो में डॉ. गुलाटी ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि आप सुनें कि GH3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राओं ने हमें क्या बताया.' पहली छात्रा ने कहा, 'तो, हम कमरा नंबर 504 में रहने वाली छात्राएं हैं. हमारे कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई; हम पिछले दो महीनों से यहां रह रहे हैं. प्लीज, पुलिस और छात्र हमें परेशान न करें. हमारे कमरे में ऐसा कुछ नहीं हुआ और हम इसमें बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं.'

दूसरे छात्र ने कहा, 'आज हम बहुत परेशान हुए हैं, और अगर हमें और परेशानी हुई, तो हम अपने माता-पिता को इसमें शामिल करेंगे. प्लीज हमें परेशान न करें.'

तीसरे छात्र ने कहा, 'और पुलिस को भी हमारे कमरे में बार-बार आना बंद करना चाहिए. वरना, हम अपने माता-पिता को बुला लेंगे.' डॉ. गुलाटी ने यह कहते हुए वीडियो खत्म किया कि चल रहे विरोध-प्रदर्शन और अशांति, झूठी और मनगढ़ंत अफवाहों के जरिए यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की एक साजिश थी.

उन्होंने कहा, 'इन सबसे यही नतीजा निकलता है कि इसके पीछे असामाजिक तत्व और अपने फायदे के लिए काम करने वाले लोग हैं.'

छात्रों का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि क्या कहना है. बाद में एक और वीडियो सामने आया जिसमें उन्हीं तीनों छात्रों ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि क्या कहना है, और उनके बयानों का इस्तेमाल उनकी जानकारी या सहमति के बिना किया गया था.

'हमारे वीडियो का आधा किस्सा काटा'

एक छात्रा ने कहा, 'LPU प्रशासन ने हमसे यह सब रिकॉर्ड करने और उनके लिए यह बात कहने को कहा. हमें बस यह कहने के लिए कहा गया था कि छात्र और दूसरे लोग हमें परेशान कर रहे हैं. हमारे वीडियो का आधा हिस्सा काटकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया गया, जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं थी. हमारी सहमति नहीं ली गई. यह हमें बताए बिना किया गया, और अब हमें बिना वजह बुरा-भला कहा जा रहा है.'

एक अन्य छात्रा ने कहा, 'हमारा इसमें कोई लेना-देना नहीं है. अचानक कोई भी कमरा चुन लिया गया और उसका नाम ले लिया गया. इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है. प्लीज हमें अकेला छोड़ दें.'

वहीं, वाइस-चांसलर जसपाल सिंह संधू ने कहा कि रविवार सुबह तक उनके पास यौन उत्पीड़न की कोई रिपोर्ट या शिकायत नहीं आई थी.

छात्रों ने लूटा कैंपस का मॉल

उपद्रव के बीच कई वीडियोज सामने आए हैं, जिसमें छात्र यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित Uni मॉल में लूटपाट करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने खाना, गैजेट और अन्य चीजें चुरा लीं. इस वीडियो में किसी को कहते सुना जा सकता है- फ्री में शॉपिंग हो गई. एक अन्य वीडियो में एक शख्स मॉल में कुछ चीजों की ओर इशारा करता हुआ कह रहा है, 'क्या चाहिए, ऑर्डर करो, सब कुछ आपको फ्री में मिलेगा.' कुछ अन्य क्लिप्स में स्टूडेंट्स मॉल के अंदर खाते दिख रहे हैं. जबकि अन्य वीडियोज में मॉल के अंदर स्थित दुकानों के नुकसान को दिखाया गया है.हालांकि इन वीडियोज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हम नहीं करते. यह भी साफ नहीं है कि कि जो लोग सामान चुरा रहे हैं, वे एलपीयू के ही स्टूडेंट्स हैं.

क्लासेज सस्पेंड, मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टालीं

बवाल को देखते हुए LPU ने अपनी मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं. यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास भी सस्पेंड कर दी हैं. परीक्षा का नया शेड्यूल UMS के जरिए अलग से बताया जाएगा. एलपीयू ने आगे कहा, 'छात्र चाहें तो अपने पैरेंट्स से सलाह करके इस 10 दिन के दौरान अपने घर जा सकते हैं. जो छात्र यहीं रुक रहे हैं, वे अपने हॉस्टल/रहने की जगहों के अंदर ही रहें और किसी भी तरह की अशांति वाली गतिविधियों में शामिल न हों.

मामले पर सियासत शुरू

पंजाब के कई नेताओं ने LPU से जुड़े विवाद में दखल दिया है. राज्य कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने LPU की घटनाओं को 'बेहद चिंताजनक' बताया. उन्होंने X पर लिखा, 'अगर छात्रों के मन में किसी घटना को लेकर गंभीर सवाल या चिंताएं हैं, तो उन्हें पारदर्शी, निष्पक्ष और समय-सीमा के भीतर जवाब मिलने चाहिए, न कि अफवाहें या उन्हें दबाने की कोशिश. हालिया हिंसा पंजाब में कानून-व्यवस्था की विफलता का सबूत है.'

वडिंग ने आगे कहा, 'सुबह से NH-44 जाम है, फिर भी AAP सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने छात्रों से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने की जहमत नहीं उठाई. Gen Z की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. भगवंत मान जागिए और स्थिति के और ज्यादा बेकाबू होने से पहले कार्रवाई कीजिए.'

बीजेपी ने बोला हमला

दूसरी ओर, बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) उस जबरदस्त उत्साह और भारी समर्थन से बुरी तरह घबरा गई है जो पंजाब के लोग बीजेपी की 'नशा-मुक्त पंजाब यात्रा' को दे रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा, 'LPU में हुई साजिश का मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान दिल्ली के नेताओं को आवंटित सरकारी बंगलों के विवाद और गायत्री बिश्नोई विवाद से हटाना था. पुलिस ने जानबूझकर ढिलाई बरती, जिससे उपद्रवियों को आगजनी और तोड़-फोड़ करने की खुली छूट मिल गई, और इसके नतीजे में पुलिसकर्मी और छात्र घायल हो गए. राजनीतिक हिसाब-किताब बराबर करने के लिए, भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर LPU के अंदर उपद्रवियों को भेजा था.' 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES