एक महीने में करोड़ों का चढ़ावा: रामनाथस्वामी मंदिर में 332 ग्राम सोना, 3.9 किलो चांदी और विदेशी नोटों का दान
Donation Counting In Ramanathaswamy Temple: तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर में हर साल दुनियाभर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और अपने हिसाब से चढ़ावा चढ़ाते हैं. बता दें कि मंदिर में एक महीने में ही करोड़ों का डोनेशन आता है. बीते महीने भी कुछ ऐसा ही हुआ.
Ramanathaswamy Temple Donation: तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है और इसे रामेश्वरम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक इस मंदिर का आध्यात्मिक महत्व काफी ज्यादा है. कहा जाता है कि रावण को हराने के बाद भगवान राम ने अपने पाप धोने के लिए यहीं पूजा की थी. हर साल इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगती और यहां चढ़ावा भी खूब चढ़ता है.
'IANS' की रिपोर्ट के मुताबिक रामनाथस्वामी मंदिर में इस महीने करोड़ों का चढ़ावा आया है, जिसमें कई ग्राम सोना-चांदी भी शामिल है. मंदिर में फॉरेन करेंसी के नोट भी मिले. चढ़ावे की गिनती करने के लिए मंदिर के कर्मचारियों और स्वयंसेवक पहुंचे.
1 महीने में करोड़ों का दान
'IANS' ने अपने 'X' हैंडल पर तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर पर चढ़ावे की जानकारी देते हुए लिखा,' रामनाथस्वामी मंदिर प्रशासन ने बताया कि मंदिर की हुंडियों में चढ़ावे की मासिक गिनती के दौरान 1,70,51,404 रुपये के कैश जमा हुए. इस संग्रह में 332 ग्राम सोना, 3.913 किलोग्राम चांदी और फॉरेन करेंसी के 191 नोट भी शामिल थे. हुंडी की गिनती पूर्वी गोपुरम मंडपम में की गई, जिसमें मंदिर के कर्मचारियों के साथ-साथ तंजावुर और थेनी के स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया.'
कहां इस्तेमाल होता है चढ़ावा?
बता दें कि रामनाथस्वामी मंदिर में हर साल दुनियाभर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां लोग अपनी-अपनी श्रद्धा से दानपेटी में चढ़ावा चढ़ाते हैं. लोग अपनी इच्छा से यहां सोना-चांदी, पैसे और कई चीजें चढ़ाते हैं. हर महीने मंदिर दानपेटी की करवाता है, जिसमें मंदिर के कर्मचारी और कई स्वयंसेवक हिस्सा लेते हैं.
दानपेटी से निकलने वाले खजाने का इस्तेमाल मंदिर के रखरखाव, सामाजिक कार्यों और भक्तों की सुविधाओं के लिए किया जाता है.
BRICS समिट में रामनाथस्वामी मंदिर की झलक
बता दें कि दिल्ली में 18वें BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी ने रूस-चीन समेत दुनियाभर के कई नेताओं का खास स्वागत किया था, जिसमें रेड कार्पेट के पीछे रामनाथस्वामी मंदिर का बैकग्राउंड लगा हुआ था. पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस मंदिर के बारे में बताते हुए नजर आए थे. खुद पीएम मोदी BRICS से पहले रामनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे. उन्हें मंदिर के पुजारी ने माला भी पहनाई थी.
रामनाथस्वामी शिव मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है. भारत के हिंदू मंदिरों में से इसका कॉरिडोर सबसे लंबा है, जो खूबसूरत खंभों से सजा हुआ है. मंदिर के परिसर के अंदर और आसपास कई तीर्थ कुंड भी बने हैं, जिनमें से 22 कुंज मंदिर के अंदर ही मौजूद हैं. माना जाता है कि इस कुंड में नहाने से पापों का नाश होता है.