डिटेन किए गए राहुल को बाराखंभा पुलिस ने 2 घंटे बाद छोड़ा, प्रियंका बोलीं: 'हम संविधान के लिए अपनी जान दे देंगे'
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहा. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और फिर रिलीज कर दिया.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नेताओं को पुलिस ने डिटेन किया था. राहुल गांधी को हिरासत में लेकर बाराखंभा थाने में रखा था, जिन्हें अब रिहा कर दिया गया है. वहीं पुलिस हिरासत के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम लाया गया है. स्टेडियम में भारी पुलिस बल तैनात है. जब पुलिस कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को बस में ले जा रही थी तब उन्होंने कहा 'इस देश में संविधान की क्या कीमत है? हम संविधान के लिए अपनी जान दे देंगे. हमारे लिए कोई भी कीमत बड़ी नहीं है.'
प्रियंका ने आरोप लगाया कि सांसदों को पीटा गया. इस विरोध प्रदर्शन में राहुल-प्रियंका के साथ विपक्षी सांसद भी मौजूद हैं. राहुल गांधी को जिस बस से ले जाया जा रहा था, अग्रसेन की बावली के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसके पहिये पंक्चर कर दिए हैं. राहुल ने हिरासत के दौरान बस से पुलिसकर्मियों को पानी की बोतलें दीं और कहा कि 'आप सब अपना काम कर रहे हैं.'
सांसदों ने लगाया मारपीट का आरोप
इंडिया गठबंधन के सांसदों का कहना है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की, साथ ही उन्हें प्रदर्शन वाली जगह की तरफ जाने से जबरन रोक दिया.
राहुल ने दिखाया विक्ट्री साइन
पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के बाद राहुल गांधी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने मीडिया की तरफ हाथ हिलाया और विक्ट्री साइन दिखाया. राहुल इंडिया गठबंधन के बाकी सांसदों के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग लेकर जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया और डिटेन कर लिया गया है.
विपक्षी सांसद जंतर मंतर कूच कर रहे हैं. इंडिया ब्लॉक के सांसद तीन बसों में सवार होकर प्रदर्शन स्थल जा रहे थे, लेकिन बैरिकेडिंग के चलते बस रुक गई है, जिसके बाद राहुल-प्रियंका समेत इंडिया ब्लॉक के सांसद बस से उतरे और पैदल ही प्रदर्शन स्थल की तरफ बढ़ रहे थे, तभी राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. प्रियंका गांधी सड़क पर लेटकर लगातार विरोध जताती रहीं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया. प्रियंका का आरोप है कि पुलिस ने सांसदों के साथ हाथापाई और मारपीट की है.
नितिन नबीन ने लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
एक तरफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर राहुल गांधी और विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरकर मोर्चा खोले हुए हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के नितिन नबीन ने पलटवार करते हुए इसे अराजकता फैलाने की कोशिश बताया है और राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है.
नितिन नबीन ने कहा 'विपक्ष के नेता अराजकता के माहौल में असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं उन्हें साफ-साफ बता देना चाहता हूं कि भारत की जनता उनके मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी, उन्होंने हमेशा उन्हीं लोगों की फिक्र की है जो आम जनता का हक छीनते हैं. वह असामाजिक तत्वों के दम पर दिल्ली में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
मैं नेता विपक्ष राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि जिन लोगों को हक दिलाने की बात आप कर रहे हैं, देश की जनता ऐसे घुसपैठियों को कभी कोई अधिकार नहीं मिलने देगी. आपको किसकी फिक्र है? आप किसके लिए लड़ रहे हैं?. अगर SIR प्रक्रिया के जरिए ऐसे घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं और आप इस पर देश के लोकतंत्र पर ही सवाल उठा रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल खुद आप पर खड़ा होता है, इस अराजक सोच का जवाब भारत की जनता खुद देगी.'
INDIA ब्लॉक MPs की बस से उतरते ही कांग्रेस MP प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा 'क्या यही तरीका है? आप देख सकते हैं कि वे क्या कर रहे हैं' INDIA ब्लॉक MPs का कहना है कि पुलिस ने उनकी बस रोक दी है और उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने नहीं दे रही है. प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी जमीन पर लेट गई हैं. साथी नेता उन्हें हवा दे रहे हैं.
सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील
दिल्ली के DCP सचिन शर्मा का बयान आया है. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर BNSS की धारा 163 लागू है. उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की. उन्होंने कहा, सांसद और उनके बसमर्थक तीन बसों में आ रहे हैं, हमें बताया गया है कि उनका गंतव्य जंतर-मंतर है. यहां BNSS की धारा 163 लागू है, बिना अनुमति के प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं है. चूंकि ये सभी सांसद हैं, इसलिए हमें इसका ध्यान रखना होगा, उनके साथ हमारा व्यवहार सम्मानजनक और उचित प्रोटोकॉल के अनुसार होगा. हम उनसे खुद ही यह जगह खाली करने का अनुरोध करेंगे.
इससे पहले आज जनपथ पर सागर रत्ना रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों ने करीब 1:30 घंटा लंच किया. ये लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए आयोजित किया था. एक दिन पहले यानी मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया, जिसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया. परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
FIR दर्ज होने पर राहुल ने क्या कहा?
मंगलवार को इंडिया गठबंधन के करीब 200 सांसदों को चुनाव आयोग जाने से रोक दिया गया. इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी परिसर में करीब 8 घंटे का धरना दिया. इस धरने को लेकर दिल्ली पुलिस ने बिना इजाजत अंदर घुसने के आरोप में दोनों नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसके बाद राहुल गांधी ने कहा 'मेरे खिलाफ 45 FIR दर्ज की गई हैं, मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 FIR दर्ज हों, हर FIR मेरे लिए मेडल की तरह है, लेकिन ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा.
'ज्ञानेश कुमार इस देश के जायज चुनाव आयुक्त नहीं': राहुल गांधी
एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने एक बड़ा बयान दिया है. आज जंतर मंतर रवाना होने से पहले राहुल ने कहा 'कल हमारे सांसद चुनाव आयुक्तों से, खासकर तीनों कमिश्नरों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने हमसे मिलने से साफ मना कर दिया. दिल्ली पुलिस ने हमें रोक दिया और कहा कि आप यहां प्रदर्शन नहीं कर सकते. इसलिए आज हमने तय किया है कि हम प्रदर्शन के लिए तय जगह यानी जंतर-मंतर जाएंगे, वहां बैठेंगे और पूरे देश को यह बताएंगे कि हमारी नजर में ज्ञानेश कुमार इस देश के जायज चुनाव आयुक्त नहीं हैं.
राहुल गांधी ने आगे कहा 'मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है. जैसा मैंने कल भी कहा था, इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं वो देशद्रोही हैं और हम उन पर एक्शन लेंगे. मैं आपको अभी कहे दे रहा हूं, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा.'
बस में सवार होकर जंतर मंतर के लिए निकले विपक्षी सांसद
बुधवार को चुनाव आयोग (CEC) के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई थी. इस मीटिंग के बाद खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और बाकी विपक्षी नेता एक ही बस में सवार होकर प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की तरफ निकल पड़े हैं.
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
इंडिया गठबंधन के सांसदों के प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं. चारों तरफ बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं, ताकि सांसदों के अलावा किसी और को अंदर न जाने दिया जाए और माहौल न बिगड़े.
इंडिया गठबंधन का क्या आरोप है?
दरअसल, इंडिया गठबंधन का आरोप है कि वोटर लिस्ट की जांच (SIR प्रोसेस) में भारी गड़बड़ी की गई है. जानबूझकर बड़ी तादाद में लोगों के नाम लिस्ट से काट दिए गए हैं. विपक्ष का दावा है कि वोटर लिस्ट में इसी हेराफेरी के दम पर बीजेपी एक के बाद एक चुनाव जीतती आ रही है.