वडिंग OUT, सिंगला IN: पायलट की रिपोर्ट के बाद पंजाब कांग्रेस में बदलाव का काउंटडाउन शुरू?
पंजाब कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है और ऐसी खबरें आ रही हैं कि राजा वडिंग ने इस्तीफे की पेशकश की है. इसी बीच विजेंद्र सिंगला को नया पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं.
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर मची घमासान को थामने का रोडमैप फाइनल हो गया है. पंजाब से दिल्ली तक के कांग्रेस दफ्तरों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद वडिंग को कुर्सी छोड़ने का मैसेज दिया जा चुका है. ज़ी न्यूज़ को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक राजा वडिंग की जगह विजेंद्र सिंगला को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाया जाएगा. दावा ये भी किया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान बहुत जल्द शायद आज-कल में ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है.
वडिंग के बाद सिंगला?
सूत्रों के मुताबिक, पायलट के प्लान के तहत वडिंग को मनाया गया. इसके बाद वडिंग की ओर से बगावती सुर दिखने के बजाए नरम सुर दिख रहे हैं. राजा वडिंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी. उस समय आम आदमी पार्टी पंजाब की सत्ता पर काबिज हो चुकी थी. बीते कुछ महीनों में पार्टी के भीतर वडिंग के नेतृत्व को लेकर असंतोष कई बार चरम पर पहुंच चुका था. अब नए अध्यक्ष की रेस में विजय इंदर सिंगला इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं.
उनके अलावा जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी संभावित दावेदार हैं. लेकिन चुनावी साल लगने वाला है इस वजह से नए अध्यक्ष के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की चुनौतियों के चलते विजय इंदर सिंगला की लॉटरी लग सकती है.
पंजाब कांग्रेस में सिर-फुटव्वल!
आपको बताते चलें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी पीपीसीसी के भीतर जारी गुटबाजी और वडिंग के कामकाज को लेकर सामने आई ढेरों शिकायतों के बाद हर तकरार और खींचतान का अंत करके मिलजुलकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया गया था. ऐसे में अब सभी की नजरें अब दिल्ली में होने वाली मुलाकात और नए अध्यक्ष के ऐलान पर टिकी हैं.
वडिंग का मुखर विरोधियों में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा सबसे आगे रहते थे. इनके अलावा भी कई नेता राहुल गांधी से वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर चुके थे. इसी अंदरूनी ज्वालामुखी का लावा थामने के लिए पायलट ने कोशिश तो बहुत की, लेकिन अपेक्षित नतीजे नहीं आए. तब कहीं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कॉस्मेटिक सर्जरी करके प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा बदलने का रास्ता साफ हुआ.
हालांकि कुछ समय पहले सचिन पायलट की पहल पर चंडीगढ़ के एक प्रोटेस्ट के दौरान पूर्व सीएम चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग एक मंच पर साथ नजर आए और उन्होंने हाथ भी मिलाया था.
राजा वडिंग बनाम पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी की अदावत से इतर पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता, गाहे-बगाहे अन्य नेताओं पर जुबानी हमले करते आए हैं. एक विरोध प्रदर्शन में जब सचिन पायलट, वडिंग और चन्नी को एक मंच पर लाए थे, तब चरणजीत सिंह चन्नी सचिन पायलट के दाईं ओर और राजा वडिंग बाईं ओर बैठे थे. चन्नी और वडिंग दोनों बातचीत करते नजर आए थे. हालांकि जैसे ही मंच से चन्नी का नाम अनाउंस हुआ, कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. हालांकि, चन्नी ने अपने भाषण के दौरान एक बार भी वडिंग का नाम नहीं लिया. उसी आयोजन के बीच बाजवा ने कहा था कांग्रेस बिना किसी चेहरे के मिलकर चुनाव लड़ेगी.