23 KM लंबा रूट, 23 स्टेशन और 100 महिला पायलट: पुणे के IT हब में दौड़ेगी 'पिंक मेट्रो', 8300 करोड़ के प्रोजेक्ट में क्या है खास?
पुणे में आज पीएम मोदी मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन करेंगे. यह मेट्रो लाइन मान से शुरू होकर शिवाजीनगर तक जाती है. इस पिंक लाइन की खास बात ये है कि इसे महिलाएं ऑपरेंट करने वाली हैं.
Pune Pink Metro Line-3: पीएम मोदी आज मंगलवार ( 3 नवंबर 2026) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक की पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन करेंगे. इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. यह कार्यक्रम सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर महालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बैडमिंटन हॉल में शुरू होगा. वहीं, इस नई लाइन पर पैसेंजर सर्विस आधिकारिक तौर पर 4 नवंबर 2026 को सुबह 6 बजे से शुरू होंगी.
पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के कमिश्नर डॉक्टर अभिजीत चौधरी ने बताया कि पुणे मेट्रो लाइन-3, 23.203 किलोमीटर लंबा और एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर है. इसे 'पुणेरी मेट्रो' और 'पिंक लाइन' के नाम से भी जाना जाता है. यह मेट्रो लाइन मान से शुरू होती है और इसका रूट हिंजवडी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से गुजरता है. यह मेट्रो लाइन शिवाजीनगर तक जाती है.
पीएम ने शेयर किया पोस्ट
पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट के महत्व को बताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा,'पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन को क्या खास बनाता है? 23 किलोमीटर लंबी यह लाइन हिंजवाड़ी के IT हब को शिवाजीनगर से जोड़ती है. इसे महिलाएं ऑपरेट करती हैं. इसमें बिजली की लगभग एक तिहाई आवश्यकता सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है. कल 8,300 करोड़ रुपए के इस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट उद्घाटन होगा. पुणे में जीवन की सुगमता को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा.'
मेट्रो में क्या है खास?
पुणे मेट्रो लाइन-3 प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है. इसे केंद्र सरकार की 'नेशनल मेट्रो रेल पॉलिसी 2017' के तहत DBFOT(डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है.
इस लाइन पर कुल 23 स्टेशन हैं, जिनमें से 17 स्टेशन 3 नवंबर 2026 से यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे. इनमें से 7 स्टेशनों पर केवल एक सीढ़ी चालू रहेगी. मेट्रो से उतरने के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा में कोई परेशानी न हो, इसके लिए 'मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन' यानी कई ट्रांसपोर्ट पकड़ने वाली एक जगह बनाई जा रही है.
एग्जिट कर मिलेंगी ये सुविधाएं
मेट्रो लाइन के साथ-साथ यहां से एग्जिट कर पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए अलग से साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं. इससे हिंजवडी इलाके जैसी जगहों पर ट्रैफिक जाम कम करने में काफी मदद मिलेगी.
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 7.60 मेगावाट सोलर एनर्जी प्रोडक्शन क्षमता लगाई गई है, जिसमें मेट्रो स्टेशनों पर 6.10 मेगावाट और कार डिपो पर 1.50 मेगावाट शामिल है. यह ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट की कुल बिजली जरूरतों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगी.
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
पुणे मेट्रो लाइन-3 की सभी ट्रेनें लगभग 100 महिला ट्रेन पायलटों की ओर से ऑपरेट की जाएंगी. इसके अलावा स्टेशन कंट्रोलर, टिकट स्टाफ और स्टेशन अटेंडेंट समेत इसमें कुल स्टेशन कर्मचारियों में से लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी.
डॉक्टर चौधरी ने कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और मॉडर्न ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उजागर करेगी.